मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से प्रेरणा लें तथा सर्वदलीय पार्टी बैठक बुलाने से न झिझकेंः अकाली दल

All party meeting

मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री से प्रेरणा लें तथा सर्वदलीय पार्टी बैठक बुलाने से न झिझकेंः अकाली दल

Punjab E News :  शिरोमणी अकाली दल ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कहा है कि वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लें तथा राज्य में कोविड-19 महामारी से कैसे मुकाबला किया जाएइसके लिए सर्वसम्मति बनाने के लिए सर्वसम्मति पार्टी मीटिंग करने से परहेज  करें।

       प्रेस बयान जारी करते हुए पूर्व मंत्री डॉदलजीत सिंह चीमा ने कहा कि बेहद दुर्भाग्यपूण बात है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में कोविड-19 के केसों से निपटने के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाने के लिए अकाली दल द्वारा की सर्वदलीय पार्टी बैैठक बुलाने की पेशकश को रद्द कर दिया है। उन्होने कहा कि अकाली दल हमेशा ही राज्य सरकार को सहयोग देने के पक्ष में रहा है तथा मौजूदा कठिन परिस्थितियों में इसने हमेशा समाज के सभी वर्गों खासतौर पर गरीब वर्ग के हित में सलाह दी है। उन्होने कहा कि अच्छा होता यदि मुख्यमंत्री ने इस संबधी सभी पार्टियों की राय ली होती तथा महामारी के खिलाफ ऐसी रणनीति तैयार की होतीजो सभी को स्वीकार्य होती।

      डॉचीमा ने कहा कि आज सर्व पार्टी मीटिंग की आवश्यकता इसीलिए बढ़ गई हैक्योंकि कोविड-19 से मुकाबले के लिए बुनियादी स्तर पर आवश्यक प्राथमिक सुविधाएं मौजूद नही हैं। उन्होने कहा कि सरकार अभी तक आवश्यक पीपीई किटों का प्रबंध नही कर पाई हैजिसके कारण स्वास्थ्य कार्यकताओं द्वारा लगातार रोष प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि  प्रशासन के पास सिर्फ दो पीपीई किटों का भंडार है। इसी तरह सरकार को अपनी परीक्षण की क्षमता को बढ़ाने की आवश्कता है जोकि वर्तमान समय में 200 टेस्ट प्रतिदिन है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में वेंटीलेटरों की गिनती बढ़ाने की भी आवश्यकता है।

       अकाली नेता ने कहा कि सिर्फ इतना ही नहीहमें किसानों को यह बताने की जरूरत है कि उनके लिए कितने कंबाइन हार्वेस्टर उपलब्ध करवाए जाएंगे तथा उनको कैसे उपयोग में लाया जाएगाउन्होने कहा कि किसानों को गेंहू की कटाई तथा खरीद के लिए मजदूरों की उपलब्धता के बारे में भी बताने की आवश्यकता है। किसानों को अभी तक स्पष्ट नही है कि सरकार गांवों में उनकी गेंहू खरीदेगी यां उन्हे बारी बारी ग्रुपों में दाना मंडियों में जाना पड़ेगा तथा उन्हे कितना बोनस दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार ने गेंहू पर बोनस देने के बारे कोई विचार विमर्श नही किया है तथा  ही घोषणा की है।

         डॉचीमा ने कहा कि बेशक सरकार ने घोषणा की है कि औद्योगिक इकाइयां उत्पादन शुरू कर सकती हैंपर इसका बुनियादी स्तर पर कोई असर नही हुआ है। उन्होने कहा कि लॉकडाउन के कारण ऑडरों की कमी यां कच्चे माल की कमी होने के कारण उद्योग किसी भी तरह का उत्पादन शुरू करने की हालत में नही हैं। उन्होने कहा कि उद्योगों को आवश्यकता इस बात की है कि अन्य रियायतों के अलावा तीन महीनों के लिए इनकी बिजली दरें आधी कर दी जाएं ताकि लॉकडाउन खुलने के बाद वह दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

       अकाली नेता ने कहा कि बहुत सारी ऐसी शिकायतें आई हैं कि केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए आटा तथा दाल को जरूरतमंदों में बांटा नही जा रहा है। उन्होने कहा कि कांग्रेसी मंत्रियों तथा विधायकों द्वारा अधिकारियों को डराकर इस राशन का बंटवारा अपनी मर्जी के अनुसार करवाया जा रहा है तथा ऐसे इस राहत सामग्री के बंटवारे का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होने कहा कि सर्वदलीय पार्टी मीटिंग में एक ऐसी प्रभावी योजना बनाई जा सकती है कि जिला कमेटियां बनाकर राशन का पारदर्शी ढ़ंग से बंटवारा किया जाए।


Apr 8 2020 8:11PM
All party meeting
Source: Punjab E News

Crime News

Leave a comment