सिट ने अकाली दल को कल गवाहों की सूची तथा कमलनाथ के खिलाफ सबूत देने के लिए कहा

SAD complaint against Kamal Nath to SIT

सिट ने अकाली दल को कल गवाहों की सूची तथा कमलनाथ के खिलाफ सबूत देने के लिए कहा

Chandigarh ( Punjab E News ) :-  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ को 1984 में हिंसक भीड़ का नेतृत्व करते देखने वाले चश्मदीद गवाहों के बयान रिकॅार्ड करने संबधी शिरोमणी अकाली दल द्वारा दी शिकायत गृहमंत्रालय द्वारा विशेष जांच टीम सिट के पास भेजे जाने के बाद कांग्रेसी नेता के खिलाफ इंसाफ का पहिया घूमना शुरू हो गया है। 

    गृहसचिव से की मीटिंग के बाद इस बारे पार्टी अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल को जानकारी देते हुए दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सिट ने डीएसजीएमसी को कल गवाहों की सूची तथा बाकी सबूत देने के लिए बुलाया है। 2015 में एनडीए सरकार द्वारा बनाई सिट को 1984 सिख कत्लेआम के बंद किए जा चुके केसों की ताजा सबूतों की रोशनी में जांच करने का अधिकार दिया गया है।

यह टिप्पणी करते हुए कि सिख 1984 कत्लेआम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की भूमिका का पर्दाफाश करने के और ज्यादा नजदीक हो गए हैंसरदार बादल ने डीएसजीएमसी अध्यक्ष सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा से कहा कि वह सिट से नामी पत्रकार संजय सूरी तथा मुख्तियार सिंह के बयान दर्ज करने का अनुरोध करेंजो 1984 में कमलनाथ द्वारा हिंसक भीड़ का नेतृत्व करने का पहले भी खुलासा कर चुके हैं।

सरदार बादल ने बताया कि केंद्रीय मंत्रालय ने एक अन्य फैसला लेते हुए उन सभी 365 सिखों को मुआवजा देने के मामले पर विचार करने का फैसला किया हैजिन्होने आॅपरेशन ब्लू स्टार के दौरान श्री दरबार साहिब से उठाकर जोधपूर की जेल में बंद कर दिया गया था। अब तक इनमें से सिर्फ 40 सिख बंदियों को ही मुआवजा दिया गया है।

अकाली दल के अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि केंद्र सरकार ने उन सिखों को अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने के मामले पर विचार करने का फैसला किया हैजिन्हे गड़बड़ वाले दौर के दौरान जम्मू-कश्मीर से उजाड़ दिया गया था। उन्होने कहा कि मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार को इस केस का विवरण देने के लिए कहा है। उन्होने बताया कि मंत्रालय द्वारा श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव का जश्न मनाने तथा करतापुर काॅरिडोर बनाने के लिए उठाए कदमों के बारे में 21 जून को औपचारिक जानकारी दी जाएगी।

इस दौरान सरदार सिरसा ने अकाली दल अध्यक्ष को बताया कि हाल ही में मुखर्जी नगर में सिखों पर किए गए नृशंस हमले के संबध में गृहमंत्रालय ने दिल्ली पुलिस से रिपोर्ट की मांग की थी। उन्होने कहा कि जिसके बाद पिता-पुत्र पर अमानवीय हिंसा करने वाले सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ धारा 247/19 के तहत् केस दर्ज किया गया है।

अन्य मुद्दों के बारे जानकारी देते हुए सरदार सिरसा ने कहा कि गृहमंत्रालय ने यह भी बताया है कि इस द्वारा 1984 सिख कत्लेआम से संबधित केस से बरी किए गए 10 व्यक्तियों के खिलाफ पुनरविचार की याचिका डाली जाएगी। उन्होने कहा कि मंत्रालय ने 1984 कत्लेआम के सभी केसों की रोजाना सुनवाई के लिए विशेष अदालत का गठन करने तथा श्री हुजूर साहिबनादेड़ के अध्यक्ष का चुनाव बोर्ड मैंबरों द्वारा किए जाने की आज्ञा देने समेत बाकी सभी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है।

डीएसजीएमसी अध्यक्ष ने कहा कि अकाली दल ने गृहमंत्रालय के पास भाई बलवंत सिंह राजोआणा की सजा को घटाकर आजीवन कारावास में बदलनेबंदी सिंहों की रिहाई के लिए कमेटी बनाने तथा धर्मी फौजियों को मुआवजा दिए जाने का भी आग्रह किया है।

अन्य मांगों में प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अपील की कि श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव के अवसर पर डीएसजीएमसी को ननकाना साहिबपाकिस्तान तक नगर कीर्तन ले जाने की औपचारिक आज्ञा दी जाए। प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अपील की कि भारत में रह रहे हजारों अफगान सिखों को नागरिकता दी जाए तथा मुंबई में पंजाबी कालोनीजिसे खतरनाक घोषित किया जा चुका हैका तत्काल पुनर्निर्माण करवाया जाए।


Jun 19 2019 7:13PM
SAD complaint against Kamal Nath to SIT
Source: Punjab E News

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