अमरिंदर खालिस्तान के मुद्दे पर दोगली चाल चल रहा हैः अकाली दल

amarinder running with the hare and hunting with the hounds on Khalistan

अमरिंदर खालिस्तान के मुद्दे पर दोगली चाल चल रहा हैः अकाली दल

Punjab E News :- शिरोमणी अकाली दल ने आज खालिस्तान तथा तथाकथित रेफरेंडम 2020 के मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर दोगली बाजी खेलने का आरोप लगाते हुए कहा है कि कैप्टन पंजाब में अलगाववादी विचारधारा का प्रचार करने वाले कट्टरपंथियों के बारे अपना स्टैंड स्पष्ट करे। पार्टी ने कहा कि कितनी अजीब बात है कि एक तरफ तो मुख्यमंत्री खालिस्तान का सरेआम समर्थन करने वाले बलजीत सिंह दादूवालध्यान सिंह मंड जैसों के साथ खाता-पीता तथा उठता-बैठता है तथा यहां तक कि विदेशों में डिकसी जैसे खालिस्तानी गढ़ वाले इलाकों में जाता है तथा दूसरी तरफ देश भक्त होने का ढ़ोंग भी करता है।

यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए अकाली दल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डाॅ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि क्या असली अमरिंदर सामने आएगा जिसका इस मुददे पर एक स्टैंड हो?

डाॅ. चीमा ने देश में संघीय ढांचे के पक्ष में पार्टी का स्टैंड दोहराते हुए कहा कि राज्यों के पास ज्यादा से ज्यादा अधिकार होने चाहिए। पार्टी ने हमेशा देशभक्तबहादुर सिख कौम का सम्मान बहाल करने तथा उनकी वैध शिकायतों को दूर करने की भी वकालत की है। उन्होने कहा कि हम इस देश की रक्षा करने वाले हाथ हैं तथा हम सिर्फ यह चाहते हैं कि हमारा सम्मान बहाल किया जाए तथा हमारे अधिकारों की रक्षा हो। उन्होने कहा कि अकाली दल ने हमेशा पंजाबियों तथा सिखों के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तथा लोकतांत्रिक ढ़ंग से मोर्चे लगाए हैं। खालिस्तान सिखों के लिए कोई मुद्दा नही है।

डाॅ. चीमा ने कहा कि सिख फाॅर जस्टिस’ पर पाबंदी लगाने के मुद्दे पर अमरिंदर का पाखंडी स्टैंड तथा सरेआम खालिस्तान की समर्थन करने वाले अलगाववादी तत्वों से उसका मिलना जुलना इस बात का सबूत है कि वह इस मुद्दे पर दोगली चाल चल रहा है। एक बोली वह दिल्ली के लिए बोलता है तथा दूसरी वह उनके लिए बोलता हैजिन्हे वह शिरोमणी अकाली दल को कमजोर करने तथा सिखों में बटवारा डालने के लिए इस्तेमाल करता है। राष्ट्रवाद के नारे लगाना तथा सिखों के गुरुघामों पर कब्जा करने के लिए अंदरूनी रूप से अकाली दल विरोधी गर्मख्यालियों से मेलजोल रखना कांगे्रस की पुरानी चाल है।

डाॅ. चीमा ने कहा कि सिखों में बटवारा डालने तथा अकाली दल को कमजोर करने के लिए भड़काउ नारों के द्वारा कांग्रेस सरकारों की सिख गुरुघामों तथा एसजीपीसी जैसी संस्थाओं पर कब्जे करने की लालसा ने पंजाब में आतंकवाद को जन्म दिया था। उन्होने कहा कि अमरिंदर उन सभी साजिशों का एक अहम हिस्सा था। वह उन कांग्रेसी नेताओं की कतार में आता हैजो लोगों को गुमराह करने का सिख मुखौटा डाल लेते हैं जबकि वह अंदरूनी तौर से सिखों को कमजोर करने वाली साजिशों का अभिन्न अंग होते हैं। ऐसे नेता अपने मुख्यिा की नजर में सच्चे रहने के लिए एकदम राष्ट्रवादी बन जाते हैं।


Jul 11 2019 9:01PM
amarinder running with the hare and hunting with the hounds on Khalistan
Source: Punjab E News

Crime News

Leave a comment