... जब एक बच्चे ने मंदिर जाना छोड़ दिया

bhagwant mann aam aadmi party political story absence of bhagwant

... जब एक बच्चे ने मंदिर जाना छोड़ दिया

 Jalandhar (punjab e news ) आपको कहानी बताता हूँ एक बच्चे की। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाला यह छात्र पढ़ाई में कमज़ोर था। अध्यापक तथा परिजनों ने खूब समझाया की यह बोर्ड की परीक्षा है तैयारी सारा साल करनी होगी लेकिन उसने गंभीरता से इसे नहीं लिया। फाईनल परीक्षा जब नज़दीक आई तो उसको भी अपनी नालायकी का आभास होने लगा। पढ़ाई तो उसने की नहीं बल्कि पास होने की तमन्ना लिए उसने मंदिर जाना शुरू कर दिया। 


    दिन में दो बार मंदिर जाना। पूजा पाठ सहित मंदिर की सफाई भी वह करने लगा। कई वर्षों से मंदिर आने वाले परम भक्त उसके आने से खुश हुए। सारे  काम जो उसने अपने हाथों में ले लिए थे। परीक्षाएं आई और नतीजे भी। बच्चा फेल हो गया। काम नहीं हुआ तो मंदिर जाना भी बंद। सामान्य दिन तो दूर की बात बड़े दिनों तथा धार्मिक उत्सवों में भी मंदिर में उसकी अनुपस्तिथि रही। हर कोई उसकी राह ताकता रहा। किसी ने पूछा तो बच्चे ने भी मन की बात बता ही डाली। 


      अब क्यूंकि यह कहानी न्यूज़ पोर्टल में छपी है तो ज़रूरी नहीं इसके राजनितिक मायने भी हो। यह ज़रूरी नहीं की हम किसी नेता की बात कर रहे हों। अगर आपको शक़ है की हम आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान की बात कर रहे है तो भूल जाईये। हमने यहाँ पर कहीं भी विधानसभा चुनावो की तुलना दसवीं की बोर्ड परीक्षा से नहीं की। मंदिर को आम जनता का दरबार नहीं बताया। चुनाव हारने को परीक्षा में फेल नहीं बताया। रही बात मंदिर न जाने की तो वह आप कुछ समझ सकते है क्यूंकि मुख्या मंत्री बनने का सपना टूटने के बाद भगवंत पंजाब की राजनीति से अदृश्य हो चुके हैं। आम आदमी पार्टी में पंजाब का मुख्या नेता सुखपाल खैहरा है या भगवंत मान ? यह ज़रूर सोचने और समझने का विषय है। कुल मिला कर यह कहानी सियासी नहीं है। 


Jun 26 2018 1:15PM
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Source: punjab e news

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