कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर को पंजाब कांग्रेस का 2017 का मैनीफैस्टो अच्छी तरह पढऩे के लिए कहा जो न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ छेड़छाड़ किए बिना ए.पी.एम.सी. एक्ट के नवीकरण की बात करता है

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कृषि मंत्री नरेन्द्र तोमर को पंजाब कांग्रेस का 2017 का मैनीफैस्टो अच्छी तरह पढऩे के लिए कहा जो न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ छेड़छाड़ किए बिना ए.पी.एम.सी. एक्ट के नवीकरण की बात करता है

Punjab E News :   विवादास्पद कृषि बिलों पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर के पंजाब सरकार और कांग्रेस पार्टी संबंधी सफ़ेद झूठ बोलने पर हैरानी ज़ाहिर करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज कहा कि भाजपा नेता ने अपनी पार्टी के ज़ालिमाना एजंडे के पिछलग्गु बनते हुए इमानदारी और निरपक्षता के ढकोसले को भी नकार दिया।

      कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आगे कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली एन.डी.ए. सरकार की किसानों को बर्बाद करने की साजिश को आगे बढ़ाने में तोमर ने तहज़ीब और अदब को बिल्कुल ही त्याग दिया है और वह कांग्रेस के खि़लाफ़ आम तौर पर और उनके (कैप्टन अमरिन्दर सिंह) खि़लाफ़ विशेष तौर पर गुमराह करने वाले प्रचार करने में व्यस्त हैं।
       इस मुद्दे पर तोमर द्वारा की गई ताज़ा टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने इनको झूठों की गठरी बताया। उन्होंने कहा कि एक इंटरव्यू का हिस्सा रहा कृषि और किसान कल्याण मंत्री का यह सारा बयान बेतुका, जुबानी वायदों और साबित न हो सकने वाले झूठे दावों और इल्ज़ामों के बिना कुछ भी नहीं है, जिस पर विश्वास करने का कोई भी आधार नहीं है।
तोमर द्वारा किए गए इस सवाल कि क्यों उन्होंने (कैप्टन अमरिन्दर सिंह) ने अपने मैनीफैस्टो में ए.पी.एम.सी. को बदले जाने की बात कही, तो जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साफ़ तौर पर ज़ाहिर होता है कि केंद्रीय मंत्री ने पंजाब कांग्रेस का 2017 का मैनीफैस्टो पढऩे की भी प्रयास नहीं किया।
         मैनीफैस्टो में साफ़ तौर पर यह वायदा किया गया था कि ए.पी.एम.सी. एक्ट को नया रूप दिया जाएगा, जिससे किसानों को डिजिटल तकनीक के द्वारा और मौजूदा एम.एस.पी. प्रणाली के साथ जऱा भी छेड़छाड़ किए बिना राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंडियों तक पहुँचने में मदद की जा सके और भारत सरकार को मौजूदा एम.एस.पी. प्रणाली के साथ बिल्कुल भी छेड़छाड़ करने न देने का भी वायदा इस मैनीफैस्टो में किया गया था। भारत सरकार पर इस बात के लिए भी ज़ोर डाला जाएगा कि अन्य फसलों जैसे कि मक्का और दालें आदि के लिए असरदार ढंग से एम.एस.पी. प्रणाली लागू की जाए। इसके अलावा मैनीफैस्टो में यह भी कहा गया था कि कृषि मंडीकरण का नवीनीकरण किया जाएगा और इसको डिजिटल रूप देते हुए कृषि मंडीकरण के अलावा किसी भी और मकसद के लिए मंडी बोर्ड के फंड इस्तेमाल करने पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाएगी।
        कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने यह भी महसूस किया कि ए.पी.एम.सी. को और बेहतर बनाने जैसे कि कांग्रेस के मैनीफैस्टो में साफ़ तौर पर वायदा किया गया था और काफी समय से चलते आ रही ए.पी.एम.सी. प्रणाली को कुछ ख़ास कॉर्पोरेट घरानों के हितों की पूर्ति के लिए पूरी तरह बर्बाद करने में बहुत फर्क है। भाजपा के नेतृत्व वाली एन.डी.ए. सरकार के लाए गए कृषि अध्यादेश इसी बर्बादी की दिशा की तरफ एक कदम है।
          मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के 2019 के चुनावी घोषणा पत्र में भी स्पष्ट तौर पर दर्ज है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य को हर कीमत पर सुरक्षित रखा जाएगा और राज्य सरकारों द्वारा हज़ारों मार्केट/मंडियां स्थापित की जाएंगी, जिससे किसानों को अपना उत्पाद लाभ के साथ बेचने के लिए आसान पहुँच मुहैया करवाई जा सके।
         मुख्यमंत्री ने तोमर को चुनौती देते हुए कहा, ‘‘आप मुझे यह बताओ कि आपके तीन कृषि बिलों में कहीं भी किसानों के साथ ऐसे वायदे का जि़क्र क्यों नहीं किया गया।’’ उन्होंने किसानों को मूर्ख बनाने के लिए कोरा झूठ फैलाने पर मंत्री की कड़ी आलोचना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि तोमर के दोषों के उलट कांग्रेस का अपने वायदों से पीछे हटने का सवाल ही पैदा नहीं होता, चाहे यह राष्ट्रीय स्तर पर हों या राज्य स्तर पर क्योंकि कांग्रेस ने साल 2017 या 2019 में किसानों को तबाह करने वाला कोई वायदा नहीं किया था।
      कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि तोमर समेत केंद्र सरकार द्वारा किसान की जिस आज़ादी की पैरवी की जा रही है, उससे किसानों को रोज़ी-रोटी से मुक्त करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब में दशकों से बेहतरीन मंडी ढांचा मौजूद है, जिससे किसानों को पूर्ण सुरक्षा देने के साथ-साथ प्राईवेट व्यापारियों की लालसा और एकाधिकार से उनकी रक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के ताने-बाने को तबाह करने के अलावा भाजपा लाभप्रद कृषि व्यापार के कारोबार को अपने पूँजीपति कारोबारियों के हाथों में देना चाहती है, जैसे कि इन्होंने विकास के कुछ अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा ही किया है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि तोमर के पंजाब सरकार और कांग्रेस के विरुद्ध मनघढ़ंत दोषों ने नए कानूनों को किसी भी ढंग से किसानों पर थोपने के लिए केंद्र सरकार की बोखलाहट का पर्दाफाश किया है।
कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि एक और केंद्रीय मंत्री ने पहले संसद के पवित्र सदन में झूठ बोला, जब उसने सदन को बताया कि कृषि सुधारों संबंधी उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी के मैंबर होने के नाते पंजाब अध्यादेश संबंधी सहमत था, परन्तु वास्तविकता यह है कि यह कमेटी सिफऱ् आंखों में धूल झोंकने वाली थी, जिसने कहीं भी इसका जि़क्र तक नहीं किया। मुख्यमंत्री ने कहा तोमर ने अब संसद के बाहर पंजाब सरकार और कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध छल-कपट वाले बयानों के द्वारा भाजपा के झूठों की तूती बजानी शुरू कर दी है, जो स्पष्ट तौर पर पंजाब सरकार और कांग्रेस को बदनाम करने के राजनैतिक एजंडे को जग-ज़ाहिर करती है।
        कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा, ‘‘यदि मंत्री सचमुच ही किसानों के कल्याण के लिए संजीदा हैं तो वह न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ-साथ मंडी व्यवस्था को बरकरार रखने संबंधी केंद्र द्वारा स्पष्ट तौर पर वचनबद्धता प्रकट करने के लिए बिलों में संशोधन क्यों नहीं करते।’’ उन्होंने कहा कि वास्तव में केंद्र सरकार की मंशा समर्थन मूल्य के साथ-साथ मौजूदा खऱीद प्रणाली को चोट लगाना है और समूचे व्यापार को प्राईवेट कारोबारियों के हाथों में सौंपना है। उन्होंने कहा कि आखिर में केंद्र सरकार खाद्य सुरक्षा को भी वापस ले लेगी, जिस पर मुल्क के लाखों गरीबों का जीवन निर्भर है।


Sep 24 2020 6:58PM
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Source: Punjab E News

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