अरूण जेटली एक उदार ,धर्मनिरपेक्ष भारत तथा पंजाबियत के प्रतीक थेः सरदार बादल

demise of arun jaitley

अरूण जेटली एक उदार ,धर्मनिरपेक्ष भारत तथा पंजाबियत के प्रतीक थेः सरदार बादल

Punjab E News :- पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल ने आज कहा कि श्री जेटली की असामयिक मौत से भारतीय राजनीति  में एक युग का अंत हो गया है। इसके साथ ही उन्होने यह भी कहा कि भारत हमेशा साफ सुथरी तथा मूल्य आधारित राजनीति के उनके आदर्शों से प्रेरणा लेता रहेगाश्री अटल बिहारी वाजपेयी तथा श्री अरूण जेटली जिनका प्रतीक थे।

पूर्व वित्तमंत्री के देहांत पर गहरा शोक प्रकट करते हुए सरदार बादल ने कहा कि जेटली साहब ने राजनीति को शासनकला में बदला तथा शासनकला को इंसानियत का रूप दिया। चाहे हरेक महान नेता की मौत की कमी को कभी पूरा नही किया जा सकतापरंतु श्री जेटली की असामयिक मृत्यु हमारे लिए बहुत ही ज्यादा दुखदायी रहेगी। वह ऐसे समय हमे छोड़ गए हैंजब उनके द्वारा अपनाए मूल्यों की सारी दुनिया को आवश्यकता है।

यहां एक प्रेस बयान जारी करते हुए सरदार बादल ने कहा कि श्री जेटली की मृत्यु उनके लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्होने कहा कि मैने एक बहुत ही महानप्यारा तथा सम्मानीय दोस्त को खो दिया हैजोकि हमेशा मुझसे पैतृक स्नेह लेता था।

सरदार बादल ने कहा कि पंजाब ने आज अपना एक बहुत ही गरिमापूर्ण तथा ईमानदार सुपुत्र खो दिया हैजिसे पंजाबियत से प्यार था तथा इस पर गर्व करता था। उन्होने कहा कि वह जब भी पंजाब के बारे में बात करते थे तथा पंजाबी बोलते थे तो उनकी आंखों तथा चेहरे पर एक चमक होती थी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री जेटली के लिए अकाली-भाजपा गठजोड़ एक धर्मनिरपेक्ष तथा संघीय भारत का प्रतीक था। उन्होने कहा कि यह गठजोड़ एक आस्था का प्रतीक थाजोकि भारत की प्राकृतिक विविधता के प्रति प्यार  से निकली थी। उनका पूरा जीवन उन आदर्शों को समर्पित रहा थाजो इस गठजोड़ का प्रतीक हैं-शांति तथा साम्प्रदायिक सौहार्द्र।

उन्होने कहा कि बेशक जेटली साहिब हमेशा उच्च नेताओं में गिने जाएंगे जिनके लोकतांत्रिक व्यवहार पर  गर्व होता था। सहनशीलता तथा दुरदर्शिता उनका अटूट अंग थे तथा वह हमेशा विचारों की विविधता का सम्मान करते थे। उन्होने कहा कि जिस युग में राजनीति में थोड़ा सा उकसाने पर लोग गुस्से में आ जाते है तथा अपने विरोधियों पर चीकड़ उछालना तथा उनका मजाक उड़ाना एक सामान्य सी बात हैजेटली साहिब वाजपेयी साहिब की तरह बेहद शांत तथा संवेदनशील थेजोकि अपने राजनीतिक हित खतरे में डालकर भी विचारों की विविधता का सम्मान करते थे। ऐसे मूल्यों पर सार्वजनिक जिंदगी से गायब होने का खतरा मंडरा रहा है। श्री जेटली को सबसे बड़ी श्रद्धांजलि उन आदर्शों को अभ्यास में लाना होगीजिन्हे श्री जेटली ने सारी जिंदगी अपने व्यवहार का हिस्सा बनाकर रखा।

श्री जेटली को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सरदार बादल ने कहा कि इस युग में कोई पंजाबियत तथा उदारवादी मूल्यों का इतना प्रतिनिधित्व नही करता हैजिस तरह जेटली साहिब ने किया। उन्होने कहा कि वह जन्म से ही एक  ऐसे धर्मनिरपेक्ष डेमोक्रेट थेजो हमारे संविधान में प्रभावित संघीय भावना के प्रति वचनबद्ध थे। वे पूरी दुनिया के उन चुने गिने नेताओं में से एक थेजो कभी भी अपनी प्रतिद्वदंवी के खिलाफ भी एक भी कड़वा शब्द इस्तेमाल नही करते थे। नई पीढ़ी के नेताओं को जेटली साहिब की जिंदगी तथा उनके द्वारा किए योगदान से बहुत कुछ सीखना चाहिए।


Aug 24 2019 8:53PM
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Source: Punjab E News

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