बेअदबी मामला : बादलों को बचाने के लिए मोदी सरकार सी.बी.आंई. का इस्तेमाल करके पंजाब पुलिस द्वारा की जा रही जांच को रोकना चाहती है : कांग्रेस

sacrilege probe using CBI

बेअदबी मामला : बादलों को बचाने के लिए मोदी सरकार सी.बी.आंई. का इस्तेमाल करके पंजाब पुलिस द्वारा की जा रही जांच को रोकना चाहती है : कांग्रेस

Punjab E News : पंजाब के तकरीबन आधे दर्जन कांग्रेसी मंत्रीयों ने जोर देकर कहा है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटनाओं की पंजाब पुलिस द्वारा की जा रही जांच को हर हालत में निष्कार्ष पर पहुंचाकर दोषियों को सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अब सी.बी.आई. के द्वारा इस जांच को रोककर बादल परिवार को बचाने और राजनीति में फिर से बहाल करवाने में बिल्कुल भी सफल नहीं हो सकेगी।
राज्य सरकार के सहकारिता मंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू, राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़, खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री भरत भूषण आशु और सामाजिक सुरक्षा, महिला एंव बाल कल्याण मंत्री अरुणा चौधरी ने आज यहाँ एक साझे बयान में कहा कि लोगों की अदालत में यह सिद्ध हो चुका है कि बेअदबी की अति निंदनीय घटनाओं के लिए उस समय के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उपमुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल भी दोषी हैं। उन्होंने कहा कि अब मामला इन दोषों को कानून की अदालत में सिद्ध करने का है जिसके लिए जरुरी सबूत इकठ्ठा करने के लिए पंजाब पुलिस बारीकी के साथ जांच कर रही है।
मंत्रियों ने कहा कि बादलों को बचाने के लिए मोदी सरकार सी.बी.आंई. को इस्तेमाल करके पंजाब पुलिस द्वारा की जा रही जांच को रोकना चाहती है जिसमें राज्य पुलिस ने काफी मेहनत के साथ जाँच करके उन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख के कहने पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र सरूपों की बेअदबी करने का घोर अपराध किया था। उन्होंने दोष लगाया कि बादलों को बेअदबी की दिल दहला देने वाली घटनाओं में होने वाली सजा से बचाकर राजनीति में फिर से स्थापित करने के लिए सी.बी.आई. का किया जा रहा दुरुपयोग मोदी सरकार का बहुत ही घटिया हथकंडा है।
मंत्रियों ने कहा कि लोगों को भलीभांति याद है कि बादलों द्वारा उस समय दोषियों को बचाने और इंसाफ लेने के लिए उठी शक्तिशाली लोकलहर को दबाने के लिए उठाया गया हर कदम गहरी साजिश के अंतर्गत उठाया गया था। उन्होंने कहा कि बादलों ने उस समय उठी लोकलहर का मुकाबला करने के लिए सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल के झंडे के तले सद्भावना कॉन्फ्रेंसें कराने का ढोंग भी रचा था। बादलों ने यही ढंग बेअदबी के दोषियों को सजा देने की माँग को लेकर 2018 में लगे बरगाड़ी इंसाफ मोर्चे के समय भी अपनाया था। मंत्रियों ने कहा कि बादल तो अकाल तख्त साहिब का दुरुपयोग करके डेरा सच्चा सौदा प्रमुख को माफीनामा दिलाने तक भी चले गए थे, सिख पंथ में उठी गुस्से की लहर के कारण यह माफीनामा वापस लेना पड़ा था।


Jul 12 2020 6:39PM
sacrilege probe using CBI
Source: Punjab E News

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