Monday, July 27, 2026
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Rahul Gandhi ने संसद में उठाया डोकलाम का मुद्दा, मचा हंगामा..राजनाथ बोले-क्या वो पुस्तक प्रकाशित हुई?

संसद के बजट सत्र का चौथा दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के साथ शुरू हुआ.

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज डोकलाम में चीनी घुसपैठ का मुद्दा उठाया. उन्होंने एक किताब का हवाला देकर सरकार को घेरने की कोशिश की. इस पर सदन में ही सरकार की तरफ से कहा गया है कि जिस किताब के आधार पर राहुल आरोप लगा रहे हैं, वो किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है. राहुल बार-बार सदन में एक ही मुद्दे को उठाने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि स्पीकर ने ऐसा करने से मना किया.
राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि मुझे समय देने के लिए सदन का धन्यवाद. आगे कहा कि पक्ष के साथियों की तरफ से कई आरोप कांग्रेस पर लगाए गए हैं. मैं उस बारे में अभी कोई बात नहीं करूंगा. इसके बजाय मैं कुछ पढ़कर शुरू कर रहा हूं. जो कि आर्मी चीफ नरवणे का मेमोइर है. आप सब ध्यान से सुने कि मैं क्या पढ़ रहा हूं इससे पता चल जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं है.
संसद में अपनी बात रखते हुए राहुल गांधी ने डोकलाम का मुद्दा उठाया. राहुल ने मेमोइर पढ़ते हुए कहा कि 4 चीनी टैंक डोकलाम में भारत की धरती पर आ रहे थे. वे कुछ 100 मीटर ही दूर थे. राहुल के इतना पढ़ते ही राजनाथ सिंह खड़े हो गए और कहा जो किताब पब्लिश हुई है. उसका जिक्र करें नहीं तो छोड़ दें. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने खड़े होकर राहुल गांधी के बयान और बुक का विरोध भी किया. राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल जिस किताब का जिक्र कर रहे हैं. वह आज तक पब्लिश ही नहीं हुई है. कैसे माना जाए कि उस किताब में लिखा क्या है?
राहुल के बोलते ही लोकसभा में एनडीए और विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया. इस दौरान ओम बिरला ने रक्षा मंत्री की बात पर सहमति जाहिर की. उन्होंने कहा कि आप सदन में इसका जवाब दें. आप सदन में है, विपक्ष के नेता हैं सही नियम से चलें. राहुल ने कहा- नरवणे की किताब में रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री का भी जिक्र है. मैं वही आपको बता रहा हूं.

अखिलेश यादव ने किया राहुल गांधी का सपोर्ट

संसद में गहमागहमी के बीच अखिलेश यादव ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी का समर्थन किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर देश की बात है तो विपक्ष के नेता को वो बात सदन में पढ़ देने की अनुमति दे देना चाहिए.चीन का सवाल सेंसेटिव है. राहुल गांधी के बाद किरेन रिजिजू ने कहा कि हम सदन में सुनने के लिए ही बैठे हैं. अध्यक्ष रूलिंग दे चुके हैं. लेकिन, फिर भी वे पढ़ रहे हैं. ऐसे कैसे चलेगा. ओम बिरला ने कहा- सदन में अपनी बात रखने का अधिकार है. लेकिन नियम से चलना चाहिए.
के सी वेणुगोपाल ने कहा कि ये लोग राहुल जी को बोलने नहीं दे रहे हैं. गृहमंत्री अमित शाह ने हंगामे के बीच कहा कि पुस्तक तो प्रकाशित नहीं हई है. मैगजीन तो कुछ भी लिख सकता है. राहुल ने कहा कि सरकार इस पुस्तक को प्रकाशित नहीं होने दे रही है. इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि सदन को गुमराह करने की कोशिश ना करें.

बुक पब्लिश ही नहीं करने दी जा रही है- राहुल गांधी

ओम बिरला ने कहा कि अखबार की कटिंग ही सदन में चल सकती है, इसके अलावा कुछ नहीं रख सकते हैं. राहुल ने कहा, मैं जो कह रहा हूं ये सब नरवणे ने कहा है. उनकी किताब को प्रकाशित नहीं करने दिया गया है. अमित शाह ने कहा- राहुल ने खुद कह दिया है कि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है. अब बात ही खत्म हो जाती है. जो बुक पब्लिश ही नहीं है उसका जिक्र कैसे कर सकते हैं.
अमित शाह ने कहा,तेजस्वी ने 2004 से 2014 के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहे गए शब्दों का जिक्र किया था. अगर राष्ट्रपति के भाषण पर कोई आर्टिकल है तो पढ़ सकते हैं. हंगामा बढ़ता देख स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि मैं आप सबसे अपेक्षा करूंगा हम सदन की गरिमा मर्याादा को बनाए रखें. जो भी रूल होते हैं सब सदन के लिए होते हैं.
राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर पुस्तक में तथ्य सही होते तो उसको पब्लिश किया जाता, लेकिन उसमें तथ्य गलत हैं. यही वजह है कि उस पुस्तक को पब्लिश नहीं किया जा रहा है.
राहुल गांधी ने संसद में कहा कि पक्ष के लोग कहते हैं कि ये आतंकवाद से लड़ते हैं. जबकि ये लोग एक कोट पढ़ने से डर रहे हैं. इसमें ऐसा क्या है जो इतना डर रहा है. ये डरे नहीं हैं तो मुझे बोलने दें. हकीकत है कि ये लोग डरे हुए हैं. जो मैं कह रहा हूं वह चीन से जुड़ा है. जो डोकलाम में भारत के साथ चीन ने किया है.
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