नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकार, बैंकिंग सिस्टम और रेलवे से जुड़े कई नियम बदल गए हैं।
ये बदलाव सीधे तौर पर आपकी जेब, आपकी सेविंग्स और रोजमर्रा के खर्च पर असर डालेंगे। अब अगर आपका ट्रेन टिकट कन्फर्म है, तो आपको रिफंड पाने के लिए ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना होगा। पहले यह समय 4 घंटे था, लेकिन अब इसे बढ़ा दिया गया है। इसका मकसद यह है कि आखिरी समय पर सीटें खाली न रहें और दूसरे यात्रियों को समय पर टिकट मिल सके।
2. बोर्डिंग स्टेशन बदलना हुआ आसान
अब आप अपनी ट्रेन का बोर्डिंग स्टेशन ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बदल सकते हैं। पहले यह सुविधा केवल चार्ट बनने तक ही मिलती थी। अगर आपका प्लान आखिरी समय पर बदल जाए, तो भी आपकी सीट सुरक्षित रहेगी।
3. FASTag महंगा, टोल पर कैश बंद
हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। FASTag का सालाना पास अब थोड़ा महंगा हो गया है। टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब आपको FASTag, UPI और QR कोड से ही भुगतान करना होगा। अगर आप कैश देने की कोशिश करते हैं, तो आपको ज्यादा चार्ज देना पड़ सकता है।
4. PAN कार्ड के लिए सख्त नियम
अब नया PAN कार्ड बनवाना पहले से ज्यादा सुरक्षित और सख्त हो गया है। सिर्फ आधार कार्ड से काम नहीं चलेगा। इसके लिए आपको वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और 10वीं की मार्कशीट जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। अब PAN कार्ड पर वही नाम होगा, जो आधार में है, जिससे फर्जीवाड़ा कम होगा।
5. ATM से UPI निकासी अब फ्री लिमिट में शामिल
अगर आप बिना कार्ड के UPI से ATM से पैसे निकालते हैं, तो ध्यान रखें ये ट्रांजैक्शन अब आपकी मासिक फ्री ATM लिमिट में गिने जाएंगे। लिमिट खत्म होने पर आपको चार्ज देना पड़ेगा यानी बार-बार कैश निकालना अब महंगा पड़ सकता है।
6. डिजिटल पेमेंट हुआ ज्यादा सुरक्षित
अब हर डिजिटल पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूरी कर दिया गया है। इसका मतलब कि OTP के साथ एक और सुरक्षा लेयर, जैसे PIN, फिंगरप्रिंट या फेस आईडी इससे ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में कमी आएगी और आपका पैसा ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
7. इनकम टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव
टैक्स से जुड़ी प्रक्रिया अब पहले से आसान बना दी गई है। अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह एक ही ‘टैक्स ईयर’ होगा। ITR भरने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। इससे छोटे बिजनेस और प्रोफेशनल्स को राहत मिलेगी और बिना जल्दबाजी के टैक्स फाइल कर सकेंगे।