1 अप्रैल 2026 से देश में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत हो चुकी है, और इसके साथ ही कई अहम आर्थिक बदलाव भी लागू हो गए हैं। इसी कड़ी में कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों की लागत बढ़ने की आशंका है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत की बात यह है कि रसोई गैस सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, कोलकाता में यह बढ़ोतरी और अधिक रही, जहां कीमतें 218 रुपये तक बढ़ गई हैं। यह लगातार दूसरा महीना है जब कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगे हुए हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ सकता है।
पश्चिम एशिया तनाव का असर
ऊर्जा बाजार में इस उछाल के पीछे पश्चिम एशिया में जारी तनाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित होने से वैश्विक तेल सप्लाई चेन पर गंभीर असर पड़ा है। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिसका सीधा असर एलपीजी कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया है कि युद्ध को जल्द समाप्त करने के प्रयास जारी हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला न हो। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले 2 से 3 सप्ताह में स्थिति सामान्य होने की संभावना जताई जा रही है।
पिछले महीने भी बढ़े थे दाम
गौरतलब है कि मार्च में भी एलपीजी कीमतों में वृद्धि हुई थी। उस समय घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपये महंगा किया गया था, जबकि कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 144.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। फरवरी के अंत में शुरू हुए भू-राजनीतिक तनाव के बाद से वैश्विक तेल कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।