प्रियंका गांधी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से चंडीगढ़-शिमला हाईवे की कमजोर दीवारों और भूस्खलन की समस्या पर मुलाकात का समय मांगा
संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है. यह सत्र काफी हंगामेदार रहा और इस सत्र के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा मनरेगा की जगह लाए गए दूसरे बिल की हो रही है. गुरुवार को भी संसद में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने प्रदूषण और मनरेगा में हो रहे बदलाव को लेकर अपनी बात रखी. इस दौरान उन्होंने एक समस्या को बताते हुए केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात का समय मांगा, इस पर नितिन गडकरी की तरफ से भी तुरंत जवाब दिया गया.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने संसद के सदन में ही केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से कहा कि मैं लंबे समय से आपसे मुलाकात का समय मांग रही हूं. कृपया हमें समय दे दीजिए. मुझे अपने संसदीय क्षेत्र के मामलों को लेकर आपसे बात करनी है. हालांकि जून महीने से समय मांगने के बाद भी समय नहीं दिया जा रहा है. इसीलिए निवेदन है कि मुलाकात का समय दे दीजिए.
प्रियंका को क्या दिया नितिन गडकरी ने जवाब?
प्रियंका गांधी ने जब भरी संसद में नितिन गडकरी से मुलाकात का समय मांगा तो उन्होंने इस पर तुरंत जवाब दिया. उन्होंने कहा कि कोई भी अप्वाइंटमेंट की जरूरत नहीं है. हमारे यहां दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं. आप अभी प्रश्नकाल के बाद मेरे संसद के ऑफिस आईए. मैं आपसे बात करता हूं और आपकी बात सुनता हूं. शायद प्रियंका गांधी ने भी गडकरी से इस तरह के जवाब की उम्मीद नहीं की थी.
किस मामले पर मुलाकात चाहती हैं प्रियंका
प्रियंका गांधी ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि चंडीगढ़ शिमला हाईवे पर कई जगह जो दीवार बनी है, वो बहुत कमजोर है. बारिश के दिनों में कई जगहों पर लैंडस्लाइड जैसे कई जगह हालात बन जाते हैं. यही वजह है कि उस पर ध्यान देना चाहिए.
प्रियंका का दावा है कि वे इस मामले पर गडकरी से मुलाकात के लिए पिछले 6 महीनों से प्रयास कर रही हैं. हालांकि उनकी मुलाकात नहीं हो पाई है.