पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत ने अपनी सुरक्षा तैयारियों को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है।
राजनाथ सिंह ने राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें देश की सुरक्षा व्यवस्था और रणनीतिक तैयारियों की समीक्षा की गई। इस बैठक में तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय हालात के मद्देनज़र भारत की सैन्य क्षमता और तैयारियों का आकलन करना था।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
सूत्रों के अनुसार, चर्चा के दौरान मौजूदा वैश्विक सुरक्षा परिस्थितियों का विस्तृत विश्लेषण किया गया। विशेष रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के असर और उससे भारत की सुरक्षा पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों पर विचार किया गया। बैठक में सीमा सुरक्षा, समुद्री निगरानी, एयर डिफेंस सिस्टम और ऑपरेशनल रेडीनेस जैसे अहम मुद्दों पर गहन मंथन हुआ। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी जा सके।
सेनाओं को सतर्क रहने का निर्देश
रक्षा मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है। उन्होंने सेनाओं को हर परिस्थिति में तैयार रहने और सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच भारत लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अपनी सुरक्षा रणनीति को उसी अनुसार मजबूत कर रहा है।