जेट फ्यूल के दाम में बढ़ोतरी हुई है. देश के प्रमुख शहरों में फ्यूल के दाम रिकॉर्ड बढ़े हैं.
एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमत बुधवार को दोगुनी से भी ज्यादा बढ़कर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई. यह पिछले महीने वैश्विक तेल कीमतों में आई तेजी को दिखाता है, लेकिन घरेलू एयरलाइंस के लिए यह बढ़ोतरी सिर्फ 8.5 प्रतिशत होगी. घरेलू एयरलाइंस को अन्य कैरियर, जैसे कि नॉन-शेड्यूल्ड, एडहॉक और चार्टर एयरलाइंस की चुकाई जाने वाली कीमत का आधा ही चुकाना होगा.
ईरान-अमेरिका-इजराइल के तनाव की वजह से वैश्विक तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है, जिससे सप्लाई पर असर पड़ा और कीमतें बढ़ीं. हालांकि बढ़ोतरी कम है, फिर भी इससे एयरलाइंस पर दबाव बढ़ेगा, क्योंकि जेट फ्यूल उनके खर्च का एक बड़ा हिस्सा होता है. इससे पहले भी मार्च के महीने में कंपनियों की ओर से जेट फ्यूल की कीमतों में इजाफा किया था. फिर वो डॉमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए हो, या फिर इंटरनेशनल फ्लाइट्स के लिए. जिसकी वजह से देश में डॉमेस्टिक फ्लाइट्स के लिए जेट फ्यूल के दाम एक लाख रुपए प्रति किलोलीटर से ज्यादा हो गए थे.
मिनिट्री का आया बयान
एटीफ में बढ़ोतरी पर पेट्रोलियम मंत्रालय ने बयान जारी किया है. जिसमें कहा गया कि भारत में ATF की कीमतें 2001 में सरकार के नियंत्रण से बाहर कर दी गई थीं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के एक फॉर्मूले के आधार पर हर महीने इनमें बदलाव किया जाता है. स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के बंद होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बनी असामान्य स्थिति के कारण, 1 अप्रैल को घरेलू बाजारों के लिए ATF की कीमतों में 100% से ज्यादा बढ़ोतरी की उम्मीद थी.
हवाई यात्रा हो सस्ती इसका किया उपाय
मंत्रालय की ओर से कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों में हुई भारी बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू हवाई यात्रा महंगी न हो, इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की सरकारी तेल कंपनियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से बातचीत करके एयरलाइंस पर ATF की कीमतों में सिर्फ आंशिक और धीरे-धीरे 25% (यानी सिर्फ 15 रुपये/लीटर) की बढ़ोतरी का ही बोझ डाला है. विदेशी रूट्स पर ATF की पूरी बढ़ी हुई कीमत देनी होगी, जैसा कि वे दुनिया के दूसरे देशों में देते हैं.