लुधियाना के ताजपुर रोड पर स्थित सेंट्रल जेल एक बार फिर विवादों में घिर गई है।
जेल प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से जेल के अंदर चल रहे एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि कैदियों को ड्रग्स और मोबाइल फोन कोई और नहीं बल्कि वहां तैनात एक पेस्को कर्मचारी ही सप्लाई करता था। असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट विजय कुमार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने न केवल कैदियों बल्कि जेल कर्मचारी के खिलाफ भी गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान बरामद सामान
22 फरवरी, 2026 को जेल प्रशासन ने बैरक का सरप्राइज इंस्पेक्शन किया। तलाशी के दौरान दो कैदियों के पास से संदिग्ध सामान बरामद हुआ। कैदी सतविंदर सिंह और कैदी रिकी के पास से 30 ग्राम नशीला पाउडर, 1400 ग्राम तंबाकू और दो कीपैड मोबाइल फोन बरामद हुए।
जब जेल अधिकारियों ने सतविंदर और रिकी से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि उन्हें जेल के बाहर से ड्रग्स सप्लाई किए जा रहे थे। इसमें जेल के एक कर्मचारी मनप्रीत सिंह का अहम रोल था।
कैसे होती थी डिलीवरी?
पूछताछ में पता चला कि मनप्रीत सिंह जेल की बाहरी दीवार से ड्रग्स और मोबाइल फोन के पैकेट अंदर फेंकता था। फिर वह इन पैकेटों को जेल बैरक के पास छिपा देता था, जहां से कैदी उन्हें उठाकर सप्लाई करते थे या आगे इस्तेमाल करते थे।