जालंधर में 22 जनवरी की देर रात मौसम ने अचानक करवट ले ली।
रात करीब 11 बजे ठंडी हवाओं के साथ हल्की बारिश शुरू हुई, जो कुछ ही देर में तेज हो गई। ग्रामीण इलाकों, खासकर ढिलवां क्षेत्र में ओलावृष्टि की खबर सामने आई, जिससे तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई।
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के असर से 23 जनवरी को भी जालंधर और आसपास के इलाकों में मौसम खराब बना रहेगा। दिनभर रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है, जबकि बारिश की संभावना लगभग 78 प्रतिशत जताई गई है।
दो दिन की धूप के बाद लौटी सर्दी
पिछले दो दिनों से खिली धूप के कारण लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन गुरुवार रात बदले मौसम ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी। बारिश और ओलावृष्टि के चलते अधिकतम तापमान गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
अमृतसर और लुधियाना में भी यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने जालंधर के साथ-साथ अमृतसर और लुधियाना जिलों में भी अगले दो दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान बारिश, गरज-चमक और कुछ इलाकों में ओले गिरने की संभावना बनी हुई है।
दिनभर बारिश, रात में मौसम साफ होने की उम्मीद
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को दिनभर बारिश और ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जबकि रात के समय मौसम साफ होने के आसार हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 12 डिग्री और न्यूनतम 3 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी बारिश
जनवरी के अंतिम सप्ताह में हुई यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश गेहूं की फसल के लिए खाद के समान है। इससे फसल में लगने वाले कीटों और रोगों पर नियंत्रण मिलेगा और सिंचाई का खर्च भी कम होगा। नमी और ठंडक बढ़ने से गेहूं में बालियां निकलने की प्रक्रिया तेज होगी। हालांकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से फसल को आंशिक नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
तेज हवाओं से कई इलाकों में बिजली गुल
तेज हवा और बारिश के कारण जालंधर के लाडोवाली रोड समेत कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। हवाओं से बिजली लाइनों में स्पार्किंग होने के चलते एहतियातन कई फीडर बंद करने पड़े। बिजली विभाग के अनुसार, पेड़ों की टहनियां गिरने से कुछ जगहों पर लाइनों को नुकसान पहुंचा, जिसे ठीक करने का काम जारी है।