मोहाली के फोर्टिस अस्पताल और कई निजी स्कूलों को एक ही तरह का धमकी भरा ईमेल मिला।
ईमेल भेजने वाले ने खुद को ‘खालिस्तान नेशनल आर्मी’ का सदस्य बताया। संदेश में साफ लिखा गया कि दोपहर 1:11 बजे बम धमाके किए जाएंगे। जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गई। पुलिस टीम व बम निरोधक दस्ता टीम मौके पर पहुंच गई है।
फोर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं सीएम मान इस मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann पहले से ही स्वास्थ्य कारणों के चलते फोर्टिस अस्पताल में भर्ती थे। ईमेल में मुख्यमंत्री की मौजूदगी का भी जिक्र किया गया था। इस वजह से उनकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन की चिंता और बढ़ गई। पहले से मौजूद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया और अस्पताल परिसर को पूरी तरह सुरक्षा घेरे में ले लिया गया।
स्कूलों को खाली कराया गया धमकी मिलते ही पुलिस ने सबसे पहले बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी संबंधित स्कूलों को खाली करा लिया। छात्रों को सुरक्षित घर भेज दिया गया। स्कूलों और आसपास के इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया ताकि किसी भी तरह की अफवाह या भगदड़ की स्थिति न बने।
अस्पताल में सख्त सुरक्षा व्यवस्था मुख्यमंत्री के भर्ती होने के बाद से ही अस्पताल में सुरक्षा बढ़ी हुई थी, लेकिन धमकी मिलने के बाद इसे और कड़ा कर दिया गया। अस्पताल के हर प्रवेश द्वार पर पुलिस तैनात की गई। आने-जाने वालों की जांच की जा रही है। बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की गहन तलाशी शुरू कर दी है। पुलिस की कई टीमें अस्पताल के हर कोने की जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संदिग्ध वस्तु को तुरंत पकड़ा जा सके।
कल मोगी में रैली को किया था संबोधित मुख्यमंत्री Bhagwant Mann को सोमवार सुबह अस्पताल से छुट्टी मिली थी। इसके बाद वे मोगा में आयोजित ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ रैली में शामिल होने पहुंचे। इस रैली में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal और अन्य कैबिनेट मंत्री भी मौजूद थे। रैली को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री को ज्यादा थकान महसूस हुई। उनकी तबीयत दोबारा बिगड़ने पर सोमवार शाम उन्हें फिर से मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सुरक्षा बलों का सघन तलाशी अभियान धमकी मिलने के बाद पुलिस ने बिना देर किए कार्रवाई की। बम निरोधक दस्ता सक्रिय कर दिया गया। अस्पताल और स्कूलों के आसपास के संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई। हर संदिग्ध वस्तु और वाहन की जांच की जा रही है। प्रशासन का मुख्य लक्ष्य तय समय से पहले सभी स्थानों को पूरी तरह सुरक्षित करना है।
ईमेल भेजने वाले की जांच जारी फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग हैं। साइबर सेल भी जांच में जुट गई है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।