मंगवाए गए चाकू की जांच में पाया गया कि उसकी लंबाई और चौड़ाई सरकार द्वारा निर्धारित मानकों से अधिक थी. कानून के तहत बटन दबाकर खुलने वाले चाकू प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं और उनकी बिक्री अपराध मानी जाती है. इस पुष्टि के बाद पुलिस ने ब्लिंकिट के खिलाफ FIR दर्ज कर ली और मामले की औपचारिक जांच शुरू कर दी.
50 चाकू जब्त. अन्य ऑनलाइन ऐप भी रडार पर
कार्रवाई के तहत दिल्ली पुलिस ने शहर के कई Blinkit स्टोर पर छापेमारी की. रेड के दौरान करीब 50 अवैध चाकू बरामद किए गए. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ये चाकू किस सप्लायर के जरिए प्लेटफॉर्म पर पहुंचे और बिक्री की निगरानी कैसे की जा रही थी. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ Blinkit ही नहीं बल्कि कुछ अन्य ऑनलाइन एप भी जांच के दायरे में हैं. उन्हें भी नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. यह मामला ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले सामान की निगरानी और जवाबदेही को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे हो सकते हैं.