पंजाब सरकार ने 29 मार्च को एक अहम कैबिनेट बैठक बुलाई है।
बता दें कि यह बैठक शाम 5 बजे मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित की जाएगी। अधिकारियों और राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह मीटिंग इसलिए भी अहम है क्योंकि सरकार अप्रैल से ‘ड्रग और सामाजिक-आर्थिक जनगणना’ शुरू करने जा रही है। इस जनगणना का मकसद राज्य में नशे के शिकार लोगों की असली संख्या और उनके पीछे के सामाजिक-आर्थिक कारणों का सटीक आंकड़ा जुटाना है।
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सरकार इस जनगणना के माध्यम से यह पता लगाएगी कि किन क्षेत्रों में नशे की समस्या अधिक है और किन समुदायों को सबसे ज्यादा सहायता की जरूरत है। अधिकारियों के अनुसार, इसके आधार पर आगामी विकास और पुनर्वास योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
Punjab Cabinet Meeting on March 29
कैबिनेट बैठक में होंगे अन्य अहम मुद्दे
इसके अलावा 13 अप्रैल को बैसाखी के मौके पर बेअदबी के मामले को लेकर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया जाएगा। कैबिनेट बैठक में इन मुद्दों पर रणनीति तैयार करने के साथ-साथ राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का फीडबैक भी लिया जाएगा। इसके अलावा सरकार जनसमूह की उम्मीदों को ध्यान में रखते हुए कुछ नई योजनाओं और फैसलों पर भी विचार करेगी।
बजट और चुनावी तैयारियां
राज्य सरकार अपना आखिरी बजट पेश करने के बाद धीरे-धीरे चुनावी मोड में प्रवेश कर रही है। मुख्यमंत्री का ध्यान इस समय हर जिले और हलके के विकास और स्थानीय समस्याओं पर टिका हुआ है। इस महीने पहले बजट को लेकर एक कैबिनेट बैठक हो चुकी है, जबकि अब 29 मार्च की बैठक में नई रणनीतियों और विकास कार्यों पर चर्चा होगी।
बेअदबी कानून और फसलों की कटाई
मीटिंग में फसलों की कटाई और उससे जुड़ी रणनीति पर भी विचार किया जाएगा। वहीं, पिछले साल से बेअदबी कानून पर तैयारी जारी है। अब कमेटी ने सभी पक्षों से सुझाव ले लिए हैं, और इसे 13 अप्रैल को विधानसभा में पेश कर राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
सरकार की कोशिश है कि जनगणना और कानून से जुड़े कदमों के साथ-साथ विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को भी समय पर लागू किया जाए, जिससे लोगों का विश्वास बढ़े और प्रशासनिक निर्णय प्रभावी रूप से लागू हो सकें।