प्राप्त जानकारी के अनुसार मिट्टी से भरा टिप्पर मुकेरियां से गुरदासपुर की ओर आ रहा था, जबकि सीमेंट से लदा 18 टायरी ट्रक गुरदासपुर से मुकेरियां की दिशा में जा रहा था। जैसे ही दोनों वाहन गांव चावा के पास पहुंचे, अचानक आमने-सामने टकरा गए। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
हादसे के बाद सड़क पर जाम की स्थिति बन गई और ट्रैफिक काफी देर तक प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाने की कार्रवाई शुरू की। मृतक चालक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
ओवरलोड वाहनों पर उठने लगे सवाल
इस हादसे के बाद इलाके में ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है। आसपास के लोगों का कहना है कि टिप्पर तेज गति से आ रहा था। वहीं कुछ लोगों ने ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन की ढिलाई को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि रात के समय भारी वाहन अक्सर तेज रफ्तार में चलते हैं और जांच के नाम पर केवल औपचारिकता की जाती है।
तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवाने के लिए सिविल अस्पताल रखवाया गया है।