मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और संघर्ष के बीच हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं।
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के एक लड़ाकू विमान को मार गिराया है। हालांकि, इस दावे की अभी तक अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ईरान का दावा क्या है?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने कहा है कि उसने अमेरिका के A-10 लड़ाकू विमान को होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास निशाना बनाया। यह इलाका दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। यह कार्रवाई इस जलमार्ग के दक्षिणी हिस्से में हुई। हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न ही पेंटागन और न ही व्हाइट हाउस ने इस दावे की पुष्टि की है।
एक और बड़ी घटना सामने आई
इसी बीच एक और खबर ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी वायुसेना का एक F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान ईरान के अंदर क्रैश हो गया। बताया जा रहा है कि इस विमान में दो लोग सवार थे। एक क्रू मेंबर को अमेरिकी सेना ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है और उसका इलाज चल रहा है, जबकि दूसरे सदस्य की तलाश जारी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटनास्थल से जो तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं, उनमें मिले मलबे से यह संकेत मिलता है कि यह विमान F-15E ही था। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यह विमान संभवतः ब्रिटेन के एक एयरबेस से जुड़ी यूनिट का हिस्सा हो सकता है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पहली बार ऐसा हादसा
कहा जा रहा है कि मौजूदा संघर्ष के दौरान यह पहली बार है, जब कोई अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान की सीमा के भीतर गिरा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह तकनीकी खराबी, हमला या किसी अन्य कारण से हुआ। फिलहाल दोनों घटनाओं को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। ईरान का A-10 विमान गिराने का दावा भी अभी स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो पाया है और F-15E के क्रैश के कारणों पर भी अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।