डिप्टी कमिश्नर ने डीजे संचालकों को भी निर्देश दिए कि वे अपने साऊंड सिस्टम की आवाज निर्धारित सीमा के भीतर ही रखें।
डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने विद्यार्थियों और मरीजों के लिए शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों के आसपास लाऊडस्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए हैं। जानकारी देते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि उनके ध्यान में आया है कि लाऊडस्पीकर के उपयोग से खासकर परीक्षा के दिनों में विद्यार्थियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में भर्ती मरीज भी अत्यधिक शोर के कारण असहज महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इन स्थानों को पहले ही साइलैंस ज़ोन घोषित किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद लाऊडस्पीकर का इस्तेमाल आम जनता के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।’’ डॉ. अग्रवाल ने जोर देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील स्थानों के आसपास शांति बनाए रखना विद्यार्थियों के बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन और मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
डिप्टी कमिश्नर ने डीजे संचालकों को भी निर्देश दिए कि वे अपने साऊंड सिस्टम की आवाज निर्धारित सीमा के भीतर ही रखें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों के उपकरण और सामान जब्त कर लिए जाएंगे। जिला प्रशासन ने सभी निवासियों से अपील की है कि साइलैंस ज़ोन में मर्यादा बनाए रखने में सहयोग करें।