सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि कॉलेजियम ने दोनों अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में 2 अतिरिक्त जजों को स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश को मंजूरी दी है। यह फैसला न्यायिक व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 2 जून को हुई अपनी बैठक में यह निर्णय लिया। कॉलेजियम ने जस्टिस हरमीत सिंह ग्रेवाल और जस्टिस दीपिंदर सिंह नलवा को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी न्यायाधीश नियुक्त किए जाने की सिफारिश को स्वीकृति प्रदान की है।
सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि कॉलेजियम ने दोनों अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी न्यायाधीश बनाए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके बाद अब आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 217(1) के तहत हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य न्यायाधीशों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। किसी अतिरिक्त न्यायाधीश को स्थायी न्यायाधीश बनाने से पहले संबंधित हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को विस्तृत रिपोर्ट और आंकड़े प्रस्तुत करने होते हैं।