पंजाब और चंडीगढ़ में इन दिनों कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा और धुंध लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है।
मौसम विभाग ने राज्य के 12 जिलों में घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। इनमें पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, मोगा, बठिंडा, बरनाला, मानसा, फिरोजपुर, फरीदकोट, फाजिल्का और श्री मुक्तसर साहिब शामिल हैं। कई इलाकों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हुआ है।
बठिंडा में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही
बीते दिन बठिंडा में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही, जहां बहुत घना कोहरा छाया रहा और विजिबिलिटी 0 से 10 मीटर तक सिमट गई। अमृतसर और फरीदकोट में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे, जहां दृश्यता मात्र 50 मीटर के आसपास दर्ज की गई। कोहरे के चलते चंडीगढ़ एयरपोर्ट से दिल्ली और धर्मशाला के लिए आने-जाने वाली छह उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जबकि कई फ्लाइट्स देरी से संचालित हुईं।
मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में राज्य के न्यूनतम तापमान में औसतन 0.1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। बठिंडा राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, हलवारा में अधिकतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जो राज्य में सबसे अधिक रहा।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि इस समय सटे क्षेत्रों में ऊपरी हवा में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत में तेज रफ्तार जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं। अनुमान है कि 17 दिसंबर की रात से एक नया लेकिन कमजोर पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर सकता है।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
आगामी सप्ताह के मौसम को लेकर विभाग का कहना है कि अगले सात दिनों तक मौसम शुष्क बना रह सकता है। अगले 48 घंटों में रात के तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आने की संभावना है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। वहीं, 16 दिसंबर को राज्य के कई हिस्सों में 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है।