संसद परिसर में बुधवार को सियासी माहौल उस वक्त गरमा गया,
संसद परिसर में बुधवार को सियासी माहौल उस वक्त गरमा गया, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आमने-सामने आ गए। दोनों नेताओं के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने संसद के गलियारों में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी।
मकर द्वार पर हुई तीखी तकरार
घटना संसद भवन के मकर द्वार के पास की बताई जा रही है, जहां कांग्रेस सांसद भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे। इसी बीच राहुल गांधी ने उन पर तंज कसते हुए उन्हें “गद्दार” कहा और टिप्पणी की, जिसने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया।
राहुल गांधी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में बिट्टू से हाथ मिलाने की कोशिश करते हुए कहा, “नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम वापस कांग्रेस में आ जाओगे।” उल्लेखनीय है कि रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे और बाद में पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए, जहां उन्हें केंद्र सरकार में मंत्री पद मिला।
बिट्टू का पलटवार, हाथ मिलाने से इनकार
राहुल गांधी की टिप्पणी पर रवनीत सिंह बिट्टू ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी को “देश के दुश्मनों” से जोड़ते हुए कहा कि उनका ऐसे लोगों से कोई लेना-देना नहीं है। बिट्टू ने राहुल गांधी से हाथ मिलाने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच कुछ देर तक तीखी बहस होती रही, जिसे मौके पर मौजूद अन्य नेताओं और सुरक्षाकर्मियों ने शांत कराया।
कांग्रेस का संसद परिसर में विरोध
इस बीच कांग्रेस सांसदों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर संसद की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों के हाथों में “PM समझौता कर चुके हैं” लिखे पोस्टर देखे गए। इससे पहले राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया था कि सरकार ने इस समझौते को लेकर देश के हितों से समझौता किया है।
निलंबित सांसदों का प्रदर्शन
मंगलवार को लोकसभा से निलंबित किए गए विपक्षी सांसद भी संसद परिसर में प्रदर्शन करते नजर आए। कांग्रेस के सात और CPI-M के एक सांसद को कथित अनुशासनहीन व्यवहार के चलते बजट सत्र के शेष समय के लिए निलंबित किया गया था। इनमें गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, बी. मणिक्कम टैगोर, डॉ. प्रशांत पाडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन शामिल हैं।