कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है।
कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों ने मंगलवार को नया ऑल-टाइम हाई बनाया और भाव ₹3,17,100 प्रति किलो तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसमें करीब 2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई।
हालांकि दिन की शुरुआत कमजोर रही थी। चांदी ने ₹3,06,499 प्रति किलो के स्तर पर ओपनिंग की, जो पिछले बंद भाव ₹3,10,275 से नीचे था। लेकिन शुरुआती गिरावट ज्यादा देर टिक नहीं पाई और मजबूत खरीदारी के चलते कीमतें तेजी से ऊपर चढ़ती चली गईं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी रिकॉर्ड तेजी
वैश्विक बाजारों की बात करें तो कॉमेक्स एक्सचेंज पर चांदी ने भी नया शिखर छू लिया। मंगलवार को चांदी का भाव 94.740 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जिससे घरेलू बाजारों में भी तेजी को मजबूती मिली।
आखिर क्यों लगातार महंगी हो रही है चांदी?
चांदी की कीमतों में इस जबरदस्त उछाल के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। सबसे बड़ा कारण सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी है। अमेरिका द्वारा डेनमार्क से जुड़े ग्रीनलैंड को लेकर उठाए गए कदमों ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है।
यूरोपीय संघ द्वारा संभावित जवाबी कार्रवाई के संकेत मिलने के बाद वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता बढ़ी, जिसका फायदा सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों को मिला। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं के चलते ‘सेफ हेवन’ एसेट्स में निवेश तेज हुआ है और एक बार फिर “सेल अमेरिका” ट्रेड चर्चा में आ गया है।
राजनीतिक घटनाओं से बढ़ी कीमती धातुओं की चमक
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के एक प्रमुख नेता को हिरासत में लिए जाने की खबर ने भी बाजार में हलचल मचा दी। इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन की ओर से फेडरल रिजर्व की नीतियों पर की गई नई आलोचनाओं ने सेंट्रल बैंक की स्वतंत्रता को लेकर चिंता बढ़ाई है। इन सभी कारकों ने सोने-चांदी की कीमतों को अतिरिक्त सपोर्ट दिया है।
आगे और चढ़ेगा चांदी का भाव?
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के मुताबिक, चांदी में हर गिरावट पर मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है, जिससे यह फिलहाल कीमती धातुओं में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली बन गई है।
उनका कहना है कि अगर चांदी ₹2,95,000 प्रति किलो के ऊपर बनी रहती है, तो तेजी का रुख कायम रह सकता है। ₹3,05,000 के ऊपर स्थिर ब्रेकआउट मिलने पर कीमतें ₹3,15,000 और उससे भी ऊपर जा सकती हैं। वहीं, गिरावट की स्थिति में ₹2,90,000 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे जाने पर ₹2,85,000 तक फिसलन संभव है, जहां से एक बार फिर मजबूत खरीद उभर सकती है।