अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच पंजाब में पेट्रोल-डीजल को लेकर हलचल मची हुई है।
लोगों की घबराहट की वजह से जालंधर में कई पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगी हुई है। जालंधर में BMC चौक के पास पेट्रोल पंप में तेल खत्म होने के बाद उसे बंद कर दिया गया है। सेल्समेन सुदर्शन सिंह ने बताया कि अब पेट्रोल लगभग आधे घंटे पहले खत्म हो गया है। स्टॉक थोड़ा लेट होने की वजह से पेट्रोल पंप को बंद कर दिया गया
लुधियाना में भी लोग गाड़ियों में तेल भरवा रहे हैं। इस वजह से भारत नगर चौक के पास पेट्रोल पंप में पेट्रोल खत्म हो गया है। जिसके बाद पंप को बंद कर दिया गया है। लुधियाना में अब सिर्फ सिर्फ गाड़ियों में तेल मिलेगा। कैनी वगैरह में पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया गया है।
अमृतसर में भी लोग शुक्रवार सुबह से ही पेट्रोल पंप पर डीजल-पेट्रोल से गाड़ी की टंकी फुल करवाने पहुंच रहे हैं। चंडीगढ़ में ड्रम में डीजल बेचना बंद कर दिया गया है। पठानकोट में हालात फिलहाल नॉर्मल हैं। मोहाली में भी पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।
इसी बीच पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन, अमृतसर के अध्यक्ष जोगिंदर पाल सिंह ढिंगरा ने कहा कि अमृतसर में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। लोग जरूरत से ज्यादा तेल भरवा रहे हैं। इसकी कोई जरूरत नहीं है। जितना यूज हो, उतना ही तेल लें।
पेट्रोल-डीजल को लेकर केंद्र की 2 अहम बातें…
1. एक्साइज ड्यूटी हटाई, रेट नहीं बढ़ेंगे शुक्रवार को केंद्र सरकार ने भी पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटा दी। जिसके बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपए से घटकर 3 रुपए और डीजल पर 10 रुपए से घटकर जीरो हो गई है। हालांकि इससे रेट कम नहीं होंगे।
सरकार ने इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बाद तेल कंपनियों के रेट न बढ़ाने और उन्हें घाटे से बचाने के लिए यह कदम उठाया है। सरकार को लग रहा था कि इंटरनेशनल लेवल पर कीमतें बढ़ने के बाद तेल कंपनियां रेट बढ़ा सकती हैं, जिससे और पैनिक क्रिएट होगा।
2. कोरोना की तरह लॉकडाउन नहीं लगेगा केंद्र सरकार ने शुक्रवार को स्पष्ट किया किया कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी कहा कि डर का माहौल न बनाएं। सरकार का लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है। दरअसल, लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के चार दिन पहले संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुई थीं।
उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं।












































