श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन तथा बलिदान को समर्पित दिल्ली में विश्व स्तरीय संग्रहालय स्थापना की जाए:सुखबीर बादल

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श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन तथा बलिदान को समर्पित दिल्ली  में विश्व स्तरीय संग्रहालय स्थापना की जाए:सुखबीर बादल

 1 मई को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की अपील की तथा कहा कि गुरु जी  के जीवन तथा तथा बलिदान की जानकारी को स्कूली पाठयक्रम का हिस्सा बनाया जाना चाहिए

प्रधानमंत्री से किसान आंदोलन के कारण दर्ज हुए केस  ‘सरबत दा भला’ की भावना के वापिस लेने की अपील की

Punjab E News;- : शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने श्री गुरु तेग बहादुर जी की जयंती के अवसर पर उनके जीवन तथा बलिदान को प्रदर्शित करने के लिए एक विश्वस्तरीय संग्रहालय स्थापित करने की अपील की है।

    उन्होने ‘सरबत दा भला’ भावना के अनुरूप किसानों तथा नौजवानों के खिलाफ सभी दर्ज मामलों को वापिस लेने का भी अनुरोध किया।

     प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति की मीटिंग में भाग लेते हुए जो गुरु जी की 400वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजनों को अंतिम रूप देनेे के लिए की गई थीे। शिरोमणी अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तावित संग्रहालय आनंदपुर साहिब में स्थापित विरासत-ए -खालसा की तर्ज पर होना चाहिए, जो पूर्व मुख्यमंत्री सरदार परकाश सिंह बादल द्वारा सबसे ज्यादा देखे जाने वाले स्थलों में से एक बन गया है।नई पीढ़ी को गुरु तेग बहादुर साहिब के बलिदानों के प्रति जागरूक करना समय की मांग है।

     सुखबीर बादल ने यह भी अपील की है कि 1 मई को गुरु साहिब की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए तथा उनके जीवन तथा बलिदान के साथ अन्य गुरु साहिबानों की शिक्षा को स्कूली पाठयक्रम का भाग बनाया जाना चाहिए। उन्होने यह भी अनुरोध किया कि अमृतसर के तीन पवित्र कस्बों बाबा बकाला तथा आंनदपुर साहिब का उचित विकास किया जाना चाहिए, हालांकि पूर्ववर्ती शिरोमणी अकाली दल की सरकार ने अमृतसर ने काफी कुछ किया है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा और अधिक काम किए जा सकते हैं।

     प्रधानमंत्री से करतारपुर साहिब काॅरिडोर को फिर से खोलने के लिए उचित कदम उठाने का भी अनुरोध किया ताकि सिख श्रद्धालु श्री गुरु नानक देव जी के अंतिम विश्राम स्थल पर माथा टेक सकें। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री इस मुददे को पाकिस्तान सरकार के पास भी उठा सकते हैं।

     बादल ने उन सभी बंदियों की रिहाई के लिए भी अपील की जो सजा पूरी होने के बाद भी जेलों में बंद हैं। उन्होने कहा कि ऐसा करने से गुरु साहिब की 400 वी जयंती के अवसर पर सही संदेश जाएगा। उन्होने यह भी अनुरोध किया कि जिन सिख सैनिकों ने आॅपरेशन ब्लूस्टार के बाद अपनी बैरक छोड़ दी थी, क्योंकि उन्हे भावना में बहकर किया था उन्हे इसके लाभ दिए जाने चाहिए।

      शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष ने मीटिंग में अनुरोध किया कि एसजीपीसी को साल भर चलने वाले समारोहों के आयोजन के लिए नोडल एजेंसी बनाया जाए जो यह सुनिश्चित करेगा कि सिख मर्यादा का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होने कहा कि एसजीपीसी लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई संस्था है जो पिछले सौ साल से गुरुघर चला रही है। उन्होने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि किस तरह सिख धर्मनिरपेक्षता का सबसे बड़ा उदाहरण हैं। जिसमें सिख दर्शन सरबत दा भला है उन्होने इस बारे में बात की कि कैसे ‘सेवा’ तथा ‘शहादत’ का सिख दर्शन में विशेष स्थान है। उन्होने इस बात का भी उदाहरण दिया कि कैसे सिखों ने कोविड के समय मे सेवा की तथा देश की रक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर देते हैं। सरदार बादल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन भी ‘शहादत’ तथा धर्मनिरपेक्षता’ का सबसे बड़ा उदाहरण है।


Apr 8 2021 7:25PM
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Source: Punjab E News

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