पंजाब के किसानों की आत्महत्या बेहद चिंताजनक, कैप्टन को लोगों की कोई परवाह नहीं - हरपाल चीमा

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पंजाब के किसानों की आत्महत्या बेहद चिंताजनक, कैप्टन को लोगों की कोई परवाह नहीं - हरपाल चीमा

कैप्टन आधुनिक युग के ‘नीरो’ हैं, उन्हें राज्य के लोगों की परेशानी नहीं दिखती 

आगामी बजट सत्र में आम आदमी पार्टी सदन में किसानों की कर्जमाफी और आत्महत्या का मुद्दा उठाएगी - हरपाल सिंह चीमा

Punjab E News:-  पंजाब में कर्ज में डूबे किसानों की आत्महत्या पर चिंता व्यक्त करते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा ने वीरवार को कहा कि पंजाब की जनता कैप्टन की नीतियों से तंग आ गई है। कैप्टन सरकार की जनविरोधी नीतियां लोगों को परेशानी में डाल रही है और उनके घरों को तबाह कर रही है। कैप्टन सरकार केवल झूठ की सरकार ही नहीं है, बल्कि लापरवाही की सरकार भी है। गुरुवार को हरपाल चीमा ने दसुआ में आत्महत्या करने वाले किसान पिता-पुत्र के घर का दौरा किया, जिन्होंने कर्ज से तंग आकर पांच दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा कि कैप्टन को शर्म आनी चाहिए कि मृतक पिता-पुत्र ने अपने सुसाइड नोट में उनके कर्ज माफी के झूठे वादे को अपनी आत्महत्या का कारण बताया।

          इस दुखद घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए चीमा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर के झूठे वादे राज्य में मौत का कारण बन रहे हैं, लेकिन कैप्टन पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। कैप्टन अमरिंदर ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि वे सभी कृषि ऋणों को माफ करेंगे और किसानों को कर्ज से मुक्त करेंगे। लेकिन चार साल बीत चुके हैं, एक भी रुपया माफ नहीं किया गया है। इस राहत की प्रतीक्षा कर रहे किसान अब निराशा में आत्महत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दसूआ की घटना से दो दिन पहले भी इसी तरह की एक घटना तरनतारन में भी घटी थी। वहां भी एक किसान ने कर्ज के तंग आकर आत्महत्या कर ली। एक साल पहले कर्ज के कारण ही उस किसान के बेटे ने भी आत्महत्या की थी।

          चीमा ने कहा कि अत्यधिक कर्ज के बोझ के कारण किसानों द्वारा आत्महत्या करने की रिपोर्टें लगातार सामने आ रही है। किसानों ने कैप्टन को वोट दिया था क्योंकि उन्होंने कर्ज माफी का वादा किया था, लेकिन दुख की बात है कि उन्होंने अभी तक किसानों का कर्जा माफ नहीं किया। किसानों की मौतों से जुड़े कुछ आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए चीमा ने कहा कि पिछले साल 24 जून से 1 सितंबर के बीच 65 से अधिक किसानों ने कर्ज के कारण आत्महत्या की। पंजाब में किसानों की स्थिति काफी गंभीर है, लेकिन कैप्टन अमरिंदर को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। पंजाब में लगातार किसान की आत्महत्याओं से पता चलता है कि कैप्टन सरकार ने पंजाब के किसानों को धोखा दिया।

            उन्होंने कहा कि कैप्टन किसान-समर्थक होने का सिर्फ ड्रामा करते हैं, असल में वे किसान विरोधी हैं। उन्होंने कैप्टन से सवाल करते हुए कहा कि किसानों के कर्ज का संकट दूर करने से पहले कैप्टन और कितने किसानों की मौत देखना चाहते हैं? और कितने पत्नियों को अपने पति को खोना पड़ेगा? कितने और बच्चों को अनाथ होना पड़ेगा? उन्होंने कहा कि कैप्टन के झूठे वादे के कारण न जाने कितने घर बर्बाद हो गए है। कैप्टन अमरिंदर सिंह आधुनिक युग के 'नीरो' हैं। राज्य के लोग बर्बाद हो रहे हैं लेकिन वे अपने आलीशान फार्म हाउस में बैठकर राज्य को बर्बाद होते हुए देख रहे हैं। कैप्टन के हाथ किसानों के खून से भरे हुए है, कोई भी चाल उन्हें उनके पापों से नहीं बचा सकती।

         चीमा ने कहा कि आगामी बजट सत्र में आम आदमी पार्टी इन दु:खी किसानों की आवाज होगी। बजट सत्र में आम आदमी पार्टी किसानों की आत्महत्या और कर्जमाफी का मुद्दे को सदन में उठाएगी और किसानों को उनका हक दिलाएगी। हम कैप्टन अमरिंदर को राज्य के किसानों और आमलोगों का जीवन बर्बाद नहीं करने देंगे।


Feb 25 2021 6:28PM
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Source: Punjab E News

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