शिरोमणी अकाली दल घोटाले में लिप्त सभी कांग्रेसियों को उजागर करेगा: बादल

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शिरोमणी अकाली दल घोटाले में लिप्त सभी कांग्रेसियों को उजागर करेगा: बादल

पूछा कि लोग उस मुख्यमंत्री पर फिर से क्यों विश्वास करें जो चार साल में सिर्फ 11 बार अपने कार्यालय गया

अरविंद केजरीवाल तथा भगवंत मान का पर्दाफाश करेगें

Punjab E News:-  शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा है कि राज्य में सरकार बनने के बाद सभी घोटाले में लिप्त कांग्रेसियों जिन्होने राज्य के खजाने को लूटा से सख्ती से निपटेगा।

      एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेसियों ने राज्य में रेत माफिया के साथ साथ अवैध शराब बनाने में लिप्त होकर राज्य के खजाने से हजारों करोड़ रूपये की लूट की थी। उन्होने कहा कि राज्य में अवैध डिस्टिलरी चलाने के लिए मदनलाल जलालपुर, हरदयाल सिंह कंबोज तथा गुरकीरत सिंह कोटली सहित कांग्रेस विधायकों के साथी जिम्मेदार थे। उन्होने कहा कि इसी तरह राजस्थान तथा जम्मू के बाहरी लोगों ने कांग्रेस विधायके के साथ मिलकर राज्य में रेत माफिया बनाने का काम किया था जो अवैध रूप से रेत खनन करके राज्य के खजाने को लूटा। उन्होने कहा कि जहां राज्य को उत्पाद शुल्क राजस्व में लगभग 6500 करोड़ रूपये का नुकसान हुआ था, वही राज्य रेत खनन से कांग्रेस सरकार द्वारा अनुमानित 1400 करोड़ रूपये के राजस्व से 100 करोड़ रूपये भी इकटठा नही कर सका।

        बादल ने कहा कि हालात ऐसे हैं कि रमनजीत सिक्की तथा सुखविंदर डैनी सहित कांग्रेसी नेताओं ने आबकारी अधिकारियों को अपने हलके में घुसने से चेतावनी दी थी ताकि नकली शराब की बिक्री पर रोक लगाई जा सके। उन्होने कहा कि विधायक तरसेम सिंह डी सी सहित कांग्रेस विधायकों ने मनरेगा कामों में उपयोग के लिए बढ़ी हुई दरों पर सरकार को अपनी इंटरलाॅकिंग टाइल्स बेचने के लिए अपनी टाइल कारखाने बना लिए। ‘ हम सत्ता में आने के बाद मनरेगा फंड में हेराफेरी की समयबद्ध जांच का आदेश देंगे‘। उन्होने कांग्रेस मंत्री सुखजिंदर रंधावा द्वारा बीज घोटाले का उदाहरण भी दिया जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ था तथा साधु सिंह धर्मसोत द्वारा किए गए छात्रवृत्ति घोटालों के कारण छात्रों को बहुत नुकसान उठाना पड़ा जिससे लाखों छात्र शिक्षण संस्थानों से बाहर हो गए थे।

      अकाली दल  अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से पूछा कि लोग उनपर क्यों विश्वास करें? उन्होने कहा कि पंजाब के लोगों के लिए कुछ भी करना तो भूल ही जाइए, कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले चार साल के कार्यकाल के दौरान   केवल 11 बार कार्यालय गए । उन्होने मुख्यमंत्री पर 2017 में कृषि उपज विपणन कमेटी का वादा तथा संशोधन करके किसान समुदाय की पीठ में छूरा घोपने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इस कमेटी कोे अंतिम रूप देने की कमेटा हिस्सा थे। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री उन सभी मुददों पर केंद्र के सामने डटकर खड़ा होने में नाकाम रहे हैं , जैसा कि हाल में डीबीटी का मुददा है क्योंकि उन्हे प्रवर्तन निदेशालय ईडी का डर था। यही वजह है कि अमरिंदर सिंह केद्र के इशारों पर नाचते हैं।

       बादल ने कहा कि हमने  किसानों के साथ एकजुट खड़े होने के लिए तीस साल का रिश्ता तोड़ दिया तथा अकाली दल कांग्रेस,भाजपा तथा आम आदमी पार्टी के विपरीत पंथक पार्टी है तथा पंजाबियों के हितों को लेकर प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि सरदार परकाश सिंह बादल ने खेती के लिए किसानों को मुफ्त बिजली का वादा किया था तथा राज्य में सत्ता में आने के बाद उन्होने पहली कैबिनेट मीटिंग में  इसे पूरा किया था। इसी तरह 1966 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित खरीद की शुरूआत के लिए अकाली दल जिम्मेदार था। उन्होने कहा कि अनाज की खरीद के लिए ज्यादातर खेती मंडियो की स्थापना अकाली दल नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में की गई थी।

       अकाली दल अध्यक्ष ने आप कन्वीनर अरविंद केजरीवाल तथा पंजाब के संयोजक भगवंत मान की भी निंदा की। उन्होने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली में आठ लाख नौकरियां देने का वादा किया था लेकिन एक आरटीआई के अनुसर तीन साल में सिर्फ 2145 नौकरियां ही दी गई। उन्होने कहा कि इसी तरह भगवंत मान ने खाद्य एवं उपभोक्ता आवश्यक वस्तु अधिनियम को अपनी सहमति देकर किसानों के साथ विश्वासघात किया था।

      लोगों को आश्वासन देते हुए कि अकाली दल लोगों के हितों की रक्षा करता रहेगा सरदार बादल ने कहा कि एक बार अकाली दल सरकार के सत्ता में आने के बाद तीनों खेती कानूनों को लागू नही होने देगा। उन्होने यह भी घोषणा की कि न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा अकाली सरकार फलों ,सब्जियों तथा दूध के लिए न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करेगी। घरेलु खपत के लिए बिजली दर आधी हो जाएगी तथा अनुसूचित जाति तथा कमजारे वर्गों के छात्रों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।

    इससे पूर्व पूर्व मंत्री गुलजार सिंह रणीके ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि अटारी को अकाली सरकार के कार्यकाल में ब्लाॅक तथा तहसील बनाया गया था। उन्होने कहा कि इसी तरह यहां खेती मंडी तथा अस्पताल की स्थापना की गई थी। पूर्व मंत्री सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस अवसर पर कहा कि 10हजार रूपये प्रति एकड़ का मुआवजा जो किसानों को अकाली दल कार्यकाल के दौरान सरहद पर भूमि को दिया गया था अब रोक दिया गया है। उन्होने कहा कि किस तरह सीमा बंद होने के कारण पूरे क्षेत्र को नुकसान हो रहा है तथा इसे व्यापार के लिए खोले जाने की मांग की।


Apr 2 2021 5:38PM
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Source: Punjab E News

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