भारत सरकार ने एलपीयू को "ग्रीन चैंपियन" अवार्ड से पुरस्कृत किया

green champion award

भारत सरकार ने एलपीयू को "ग्रीन चैंपियन" अवार्ड से पुरस्कृत किया

• भारत सरकार के महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण शिक्षा परिषद  ने एलपीयू को "वन डिस्ट्रिक्ट, वन ग्रीन चैंपियन" पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं में घोषित किया

• भारत सरकार की “स्वच्छ कार्य योजना 2020-2021” के लिए एलपीयू  हुआ है  पुरस्कृत

• स्वच्छ और शुद्ध परिसर का माहौल बनाने और विद्यार्थियों  में "स्वच्छता " की भावना पैदा करने के लिए मिला पुरस्कार

Punjab E News :-  महात्मा गांधी नेशनल काउंसिल ऑफ रूरल एजुकेशन (एम जी एन सी आर ई) ने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू ) को "वन डिस्ट्रिक्ट, वन ग्रीन चैंपियन" अवार्ड के लिए घोषित  किया है। यह भारत सरकार की स्वच्छ भारत कार्य योजना 2020-2021 के लिए है। "जहाँ ग्रामीण भलाई है, वहाँ सार्वभौमिक समृद्धि है"  के प्रतीक के तहत काम करते तथा  'हायर एजुकेशन ' के साथ मिल कर चलते हुए एम जी एन सी आर ई  बेहतरीन  ग्रामीण भारत को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। यह भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत कार्य कर रहा है।

एलपीयू को राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त होने पर  बेहद खुश और प्रेरित महसूस करते हुए, चांसलर श्री अशोक मित्तल ने सांझा किया :"हमें यह सम्मान मिलने पर गर्व है।" उन्होंने कहा: "हम दृढ़ता से महसूस करते हैं कि "स्वच्छ मन" एक "स्वच्छ वातावरण" के माध्यम से विकसित होता है। इसके लिए हमारे फैकल्टी, स्टाफ मेंबर और विद्यार्थी  परिसर में आवश्यक भूमिका निभाते हैं, और यहां तक कि आसपास के ग्रामीणों को स्वच्छता के लिए आवश्यक चीजों के बारे में जागरूक भी करते रहते हैं ।”

इससे पहले भी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने देश के शीर्ष-दस 'स्वच्छ' (सबसे साफ) विश्वविद्यालयों में एलपीयू को शामिल किया है। यह रैंकिंग 8 विभिन्न श्रेणियों के तहत "स्वच्छ परिसर रैंकिंग" के लिए थी, जहां देश के शीर्ष दस निजी आवासीय विश्वविद्यालयों में एलपीयू घोषित किया गया । इसके लिए, ए आई सी टी ई  और  यू जी सी  की टीमों ने 205 संस्थानों का निरीक्षण किया था । पंजाब राज्य से, केवल एलपीयू शीर्ष निजी विश्वविद्यालयों की स्वच्छ रैंकिंग में इस स्थान पर था। इसी तरह, एलपीयू के विद्यार्थियों की टीम को भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन- स्वच्छ भारत अभियान (एसबीए) के 'युवा राजदूत' के रूप में घोषित किया गया था ।

वास्तव में, राष्ट्रपिता- महात्मा गांधी ने  हमेशा ही "स्वच्छ्ता" को समुदायों में श्रम और समानता की गरिमा फैलाने के साधन के रूप में देखा। साथ ही "स्वच्छ्ता" को हमेशा भारत सरकार द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में मान्यता दी गई है। जीवन में स्वच्छता और स्वच्छ व्यवहार न केवल एक रहने योग्य  वातावरण में सुधार करता  है, बल्कि सभी की सोच को अधिक शुद्ध और स्वस्थ स्थिति के लिए अग्रसर करता है।


May 1 2021 3:57PM
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Source: Punjab E News

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