Tuesday, July 21, 2026
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Rohit Shetty Firing Case: रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा

 बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के मुंबई के जुहू स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी के मामले में मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।

इस सनसनीखेज घटना को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुणे से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने इस हमले के पीछे के मुख्य साजिशकर्ता का भी खुलासा कर दिया है। वहीं, जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी सबूतों और गुप्त जानकारी के आधार पर कार्रवाई की। इसके बाद पुणे से चार आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक (स्कूटी) भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी सीधे तौर पर गोलीबारी में शामिल थे।
कब और कैसे हुई फायरिंग?
यह घटना 31 जनवरी की रात करीब 12:45 बजे की है। उस समय कुछ बदमाश रोहित शेट्टी के घर के बाहर पहुंचे और अचानक अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दीं। देर रात हुई इस फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। मामले की जांच के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल (वसूली विरोधी शाखा) की एक विशेष टीम बनाई गई।
हमले का मास्टरमाइंड कौन है?
मुंबई पुलिस के मुताबिक, इस हमले का मास्टरमाइंड शुभम लोंकर है। वह कुख्यात बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। शुभम लोंकर महाराष्ट्र के अकोला जिले का रहने वाला है। शुरुआत में वह खेती और गौशाला में काम करता था। बाद में वह हथियारों की सप्लाई के नेटवर्क में शामिल हो गया। पुलिस का मानना है कि उसी ने इस पूरे हमले की साजिश रची।
हमले की साजिश कैसे रची गई?
इस मामले में पुलिस ने जिन लोगों को हिरासत में लिया है उनकी पहचान अमान आनंद मारोटे, आदित्य ज्ञानेश्वर गायकी, सिद्धार्थ दीपक येनपुरे, समर्थ शिवशरण पोमाजी, स्वप्नील बंडू सकट के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि हमलावर पेड़ के पीछे छिपकर रोहित शेट्टी के घर की तीसरी मंजिल की ओर गोली चला रहा था। इस फायरिंग से घर की खिड़की का एक शीशा टूट गया।
फायरिंग में इस्तेमाल स्कूटी…
जांच में पता चला कि फायरिंग में इस्तेमाल की गई स्कूटी पुणे में 30,000 रुपये में खरीदी गई थी। इसका पेमेंट शुभम लोंकर ने किया था। स्कूटी पहले आनंद मरोते के नाम रजिस्टर्ड थी।मरोते ने इसे करीब डेढ़ महीने पहले आदित्य गायकी को बेच दिया था। इसके बाद समर्थ पोमाजी के कहने पर सिद्धार्थ येनपुरे और स्वप्नील सकट पुणे से सड़क मार्ग से स्कूटी लोनावाला तक लेकर आए। वहां से यह स्कूटी शूटर को दी गई।
हमले से पहले की गई थी रेकी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि एक अज्ञात शूटर ने कई दिनों तक रोहित शेट्टी के घर के आसपास निगरानी (रेकी) की थी। स्कूटी खरीदने में शुभम लोंकर की मदद एक अन्य आरोपी गायकवाड़ ने की थी।
हमले का मकसद क्या था?
पुलिस के मुताबिक, इस हमले का मकसद था। इलाके में सनसनी फैलाना और बाद में रंगदारी (उगाही) की कोशिश करना। यानी यह हमला डर पैदा कर पैसे वसूलने की बड़ी साजिश का हिस्सा था।
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