मुख्यमंत्री किए वादे अनुसार किसानों के लिए पूर्ण कर्ज माफी योजना लागू करें: बादल

loan waiver scheme

मुख्यमंत्री  किए वादे अनुसार किसानों के लिए पूर्ण कर्ज माफी योजना लागू करें: बादल

 कर्जे से परेशान होकर आत्महत्या करने वाले पिता-पुत्र जिनका कर्जा माफ नही किया गया था, के परिवार से उनके घर मिलने गए

Punjab E News:-  शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आज मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह  अपने वादे से मुकर कर किसानों को कर्जदार बना दिया है उन्हे राज्य के किसानों से किए गए सारा कर्ज माफी के वादे को पूरा करने की मांग की।

           यहां मुहैदीपुर गांव में  जगतार सिंह तथा किरपाल सिंह पिता-पुत्र ने कर्ज माफ न होने के कारण दुखी होकर  आत्महत्या कर ली थी के परिवार के साथ शिरोमणी अकाली दल अध्यक्ष ने  दुख सांझा किया । उन्होने इस दुखद घटना ने कैप्टन अमंिरदर सिंह सरकार का पर्दाफाश कर दिया है। इससे साबित होता है कि जगतार सिंह जैसे  सीमांत किसानों के कर्जे भी माफ नही किए गए हैं, जिनके पास केवल एक एकड़ जमीन है। इस तथ्य के बावजूद कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पवित्र गुटका साहिब की सौंगध खाकर वादा किया था कि कांग्रेस सरकार बनने पर पूरी तरह से कर्जा माफ कर दिया जाएगा।

            इस बात पर जोर देते हुए शिरोमणी अकाली दल कांग्रेस सरकार को किसान समुदाय से किए गए वादे पूरे करने पर मजबूर करेगा । बादल ने कहा कि कांग्रेस सरकार के वादा पूरा करने की उम्मीद में किसानों ने कर्जे की किस्त देनी बंद कर दी थी । यही कारण है कि जगतार सिंह तथा किरपाल सिंह जैसे किसान जिनका एक रूपया भी माफ नही किया गगया ने निराश होकर जान दे दी तथा इस तरह का कदम उठाया है। जगतार की मौत के लिए कांग्रेस सरकार जिम्मेदार है। यही वजह है कि उन्होने अपने आत्मघाती नोट में कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम लिया है। पिछले चार सालों में आत्महत्या करने वाले 1500 किसानों की मौत के लिए मुख्यमंत्री सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उन्होने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जगतार जैसे ईमानदार किसान ने

         जिसने बीस साल तक गांव का नंबरदार बनकर स्थानीय समुदाय में नाम कमाया था  उसे भी इस तरह से अपनी जिंदगी खत्म करनी पड़ी।

         अकाली दल अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से कहा कि वह उन किसान समुदाय की आवाज सुने जो लगभग तीन महीने से खेती कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होने कहा कि पिता-पुत्र की जोड़ी ने अपने आत्महत्या के नोट में यह भी उल्लेख किया था कि वे तीनों काले कानूनों को निरस्त करने के इंकार से परेशान होकर आत्महत्या कर रहे हैं।उन्होने कहा कि जगतार तथा किरपाल ने राज्य के किसानों की भावनाओं को प्रतिबिंबित किया है। अब समय आ गया है कि केंद्र विरोध कर रहे किसानों की बात सुने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद का आश्वासन देने तथा स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू करने सहित उनकी सभी मांगों को स्वीकार करे।

         इस अवसर पर अकाली नेताओं में वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़, बिक्रम सिंह मजीठिया तथा डाॅ. दलजीत सिंह चीमा भी उपस्थित थे।


Feb 22 2021 5:59AM
loan waiver scheme
Source: Punjab E News

Leave a comment