जालंधर के आदमपुर में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला।
सीएम मान ने पंजाब के युवाओं की शिक्षा और रोजगार की जिम्मेदारी लेते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं। साथ ही, उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विपक्षी पार्टियों अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी सरकार जनता के हित के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य का खजाना खाली नहीं है।
सीएम मान ने कार्यक्रम में भावुक होते हुए कहा कि जब 80 वर्षीय बुजुर्ग अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए गुहार लगाते हैं, तो उन्हें बहुत दुख होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब के युवाओं के भविष्य, उनकी पढ़ाई और नौकरी की पूरी जिम्मेदारी अब APP सरकार की है। उन्होंने महिलाओं को सरकारी नौकरियां देने का भी भरोसा दिलाया।
विपक्ष की भीड़ पर तंज
विरोधियों पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारी संख्या में लोग खुद इकट्ठा हुए हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अगर शिरोमणि अकाली दल, भाजपा या कांग्रेस को इतनी भीड़ जुटानी हो, तो उन्हें डेढ़ लाख रुपए की जलेबियां बांटनी पड़ जाती हैं, फिर भी लोग नहीं आते।
केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सीएम मान ने कहा कि लोगों के खातों में 1500 रुपए डालने का वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने नोटबंदी को भी एक ‘जुमला’ करार दिया। साथ ही, केंद्र द्वारा पेंशन और अन्य जनहित योजनाओं को बंद करने पर भी अपनी नाराजगी जाहिर की।
अग्निवीर और बिजली दरों पर बयान
मुख्यमंत्री ने ‘अग्निवीर योजना’ की आलोचना करते हुए कहा कि युवाओं को समय पूरा होने पर वापस भेज दिया जा रहा है। वहीं, अपनी सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने न केवल मुफ्त बिजली का वादा पूरा किया, बल्कि बिजली की दरों में कटौती कर आम जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत दी है।
‘पंजाब सुरक्षित है, विपक्ष की नीयत खाली’
खजाना खाली होने के दावों को खारिज करते हुए सीएम मान ने कहा कि सरकारी खजाना नहीं, बल्कि विपक्ष की (नीत) नीयत खाली है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने थर्मल प्लांट खरीदकर राज्य को बिजली में आत्मनिर्भर बनाया है।
सुखबीर बादल पर सीधा प्रहार
अंत में सुखबीर बादल का नाम लेते हुए मुख्यमंत्री ने कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कोई कितना भी धन, हीरे या मोती इकट्ठा कर ले, लेकिन अंत में सबको खाली हाथ ही जाना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने पंजाब का बुरा हाल किया, वे आज इसे ‘बचाने’ की बात कर रहे हैं।