Wednesday, August 19, 2026
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देशभर में सरकारी बैंक आज बंद, इस मांग को लेकर कर्मचारी कर रहे हड़ताल

देश के सरकारी बैंकों में आज, 27 जनवरी, बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने वाली हैं।

बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने लंबे समय से लंबित हफ्ते में पांच दिन काम की मांग को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल का सीधा असर पब्लिक सेक्टर बैंकों की शाखाओं और उनसे जुड़ी सेवाओं पर पड़ेगा।
ग्राहकों को पहले ही दी गई थी सूचना
हड़ताल को देखते हुए अधिकतर सरकारी बैंकों ने अपने ग्राहकों को पहले ही अलर्ट कर दिया था कि आज के दिन शाखाओं में नकद लेनदेन, चेक क्लीयरेंस और अन्य बैंकिंग सेवाओं में बाधा आ सकती है। कई बैंकों ने अपनी वेबसाइट और एसएमएस के जरिए ग्राहकों को इसकी जानकारी दी।
27 जनवरी की हड़ताल क्यों अहम है?
यह हड़ताल इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले लगातार तीन दिन बैंक बंद रहे थे।
24 जनवरी: दूसरा शनिवार
25 जनवरी: रविवार
26 जनवरी: गणतंत्र दिवस (राष्ट्रीय अवकाश)
ऐसे में आज की हड़ताल से ग्राहकों को बैंकिंग कामकाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
प्राइवेट बैंकों पर नहीं पड़ेगा असर
इस हड़ताल का असर HDFC बैंक, ICICI बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक जैसे निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं पर नहीं पड़ेगा। ये बैंक सामान्य रूप से खुले रहेंगे और उनकी सेवाएं जारी रहेंगी।
क्या है पांच दिन के वर्किंग वीक की मांग?
मार्च 2024 में हुए वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के बीच सभी शनिवार को अवकाश देने पर सहमति बनी थी। यूनियनों का कहना है कि इसके बावजूद सरकार ने अब तक इसे लागू नहीं किया है।
UFBU का दावा है कि पांच दिन का वर्किंग वीक लागू होने से काम के घंटे कम नहीं होंगे, क्योंकि बैंक कर्मचारी सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं।
दूसरे संस्थानों का दिया हवाला
यूनियनों ने तर्क दिया है कि RBI, LIC, GIC, स्टॉक एक्सचेंज और सरकारी कार्यालय पहले से ही पांच दिन के वर्किंग वीक पर काम कर रहे हैं, ऐसे में बैंकों को इससे अलग रखना उचित नहीं है।
वार्ता विफल, इसलिए हड़ताल
UFBU ने बताया कि चीफ लेबर कमिश्नर के साथ बुधवार और गुरुवार को हुई बैठकें किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकीं। इसी के चलते यूनियनों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया। गौरतलब है कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस नौ प्रमुख बैंक यूनियनों का साझा मंच है, जो देश के पब्लिक सेक्टर बैंकों और कुछ पुराने निजी बैंकों के कर्मचारियों व अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
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