Tuesday, August 11, 2026
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भारत से पंगा लेकर ‘बेजान’ हो जाएगा तुर्की!, मार्बल कारोबारी नहीं भेजेंगे माल तो पुणे में सेब का बॉयकाट

भारत ने अब पाकिस्तान के साथ खड़े होने वाले तुर्की को आर्थिक मोर्चे पर करारा जवाब देना शुरू कर दिया है।

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के दौरान तुर्की ने खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया। इसके बाद देशभर में लोगों और व्यापारियों ने तुर्की के खिलाफ नाराज़गी जतानी शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर ‘बॉयकॉट तुर्की’ (Turkey का बहिष्कार) ट्रेंड करने लगा है।
तुर्की से आने वाले सामानों का बहिष्कार
देश के कई हिस्सों में व्यापारियों ने तुर्की से आने वाले उत्पादों को बेचना बंद कर दिया है। इससे तुर्की के व्यापार पर असर पड़ रहा है। लोग भी अब ऐसे सामान नहीं खरीदना चाहते जो तुर्की से आए हों।
पुणे में तुर्की सेबों की बिक्री बंद
महाराष्ट्र के पुणे शहर में तुर्की से आयात होने वाले सेबों की बिक्री पूरी तरह रोक दी गई है। यहां के स्थानीय बाजारों में अब तुर्की सेब नजर नहीं आ रहे। आम ग्राहक भी अब इन्हें खरीदने से मना कर रहे हैं।
सेब व्यापारियों का बड़ा नुकसान, लेकिन देशभक्ति पहले
पुणे के फलों के बाजार में हर साल तुर्की सेबों की हिस्सेदारी करीब ₹1,000 से ₹1,200 करोड़ की होती थी। लेकिन अब ये पूरा कारोबार ठप हो गया है।
पुणे की एपीएमसी मंडी के सेब व्यापारी सय्योग जेंडे ने बताया,
“हमने तुर्की से सेब मंगवाना पूरी तरह बंद कर दिया है। अब हम सेब हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ईरान और दूसरे देशों से ला रहे हैं। ये फैसला देशभक्ति की भावना से प्रेरित है।”
ग्राहकों की मांग में भारी गिरावट
एक अन्य फल व्यापारी ने बताया कि तुर्की सेबों की मांग में करीब 50% की गिरावट आई है। ग्राहक अब खुद ही इन सेबों को लेने से मना कर रहे हैं। इसका साफ मतलब है कि आम जनता भी अब इस बहिष्कार में शामिल हो रही है।
उदयपुर से भी मिला समर्थन
राजस्थान के उदयपुर शहर में भी व्यापारियों ने तुर्की के सामानों को न बेचने का निर्णय लिया है। वहां के व्यापारी भी तुर्की को आर्थिक तौर पर जवाब देने के लिए इस अभियान में जुड़ रहे हैं।
सिर्फ सरकार नहीं, जनता भी अब जागरूक
भारत में अब सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि आम जनता और व्यापारी वर्ग भी अंतरराष्ट्रीय मामलों को गंभीरता से लेने लगा है। ‘बॉयकॉट तुर्की’ अभियान इसका ताजा उदाहरण है, जिसमें लोग देशहित को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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