Monday, July 20, 2026
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संसद में पेश हुआ इकोनॉमिक सर्वे, GDP ग्रोथ 6.8% से 7.2% रहने का अनुमान

यूनियन बजट से पहले देश की आर्थिक सेहत का अहम् दस्तावेज माना जाने वाला आर्थिक सर्वे 2026 आज संसद में पेश कर दिया गया।

यह सर्वे सरकार को और आम जनता को बताता है कि भारत की अर्थव्यवस्था किस स्थिति में है और आगे क्या संभावनाएं हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक सर्वे पेश किया। यह सर्वे वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के इकोनॉमिक डिवीजन द्वारा तैयार किया जाता है। सर्वे में भारत की आर्थिक स्थिति, विकास दर, निवेश और अन्य प्रमुख आर्थिक संकेतों का पूरा विश्लेषण दिया गया है।

भारत की विकास दर का अनुमान
सर्वे के अनुसार, आने वाले वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रहने की उम्मीद है। यह दर मौजूदा वित्त वर्ष के 7.4 प्रतिशत से थोड़ी कम है। लेकिन वैश्विक आर्थिक हालात, जैसे अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सुस्ती, महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए, इसे मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है।

भारत की मजबूत ग्रोथ मोमेंटम
सर्वे में कहा गया है कि भारत ने पिछले कई वर्षों में मजबूत विकास गति बनाए रखी है। इसके मुख्य कारण हैं।

-घरेलू मांग में बढ़ोतरी – लोग ज्यादा खर्च कर रहे हैं, जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी बनी रहती है।

-बुनियादी ढांचे में निवेश – सड़कों, पुलों, रेलवे और स्मार्ट शहरों में निवेश बढ़ रहा है।

-सेवा क्षेत्र की मजबूती – आईटी, बैंकिंग और अन्य सर्विस सेक्टर मजबूत बने हुए हैं।

-मैन्युफैक्चरिंग और पूंजीगत निवेश – फैक्ट्रियां और उद्योग अधिक निवेश कर रहे हैं, जिससे विकास को सहारा मिल रहा है।

-इन सभी पहलुओं से भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनी हुई है।

बजट पर सबकी नजर
विशेषज्ञ मानते हैं कि अनुमानित 6.8-7.2 प्रतिशत विकास दर भारत को आगे भी मजबूत बनाए रखने के लिए पर्याप्त है। अब सभी की नजरें 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट पर टिकी हैं। बजट में यह स्पष्ट होगा कि सरकार आर्थिक सर्वे के इन संकेतों को जमीन पर कैसे लागू करेगी।

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