Thursday, July 23, 2026
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Chandigarh में HIV मामलों में बढ़ोतरी, अभी तक 35 लोगों की जा चुकी है जान

चंडीगढ़ में HIV संक्रमण के मामलों ने एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से राज्यसभा में पेश की गई ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में शहर में HIV के 166 नए मामले सामने आए हैं। यह संख्या पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है।
रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2023 में HIV के 82 नए मामले दर्ज किए गए थे। इसके मुकाबले 2024 में मामलों की संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई है। आंकड़ों के अनुसार, एक साल में लगभग 102 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह तेजी से बढ़ते संक्रमण की ओर इशारा करता है और स्वास्थ्य तंत्र के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
मौतों के आंकड़े भी चिंता बढ़ाने वाले हैं। साल 2023 में HIV से 17 लोगों की मौत हुई थी और 2024 में यह संख्या बढ़कर 35 हो गई। यानी एक साल में मृतकों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच और इलाज से इन मौतों को कम किया जा सकता है।
वर्तमान में चंडीगढ़ में वर्ष 2024-25 के दौरान HIV संक्रमित लोगों की कुल संख्या 5,996 दर्ज की गई है। आंकड़ों के मुताबिक, शहर में लगभग हर 208वां व्यक्ति HIV संक्रमण से प्रभावित है। यह स्थिति जागरूकता और नियमित जांच की आवश्यकता को और भी अहम बना देती है।
शहर के पीजीआई और अन्य सरकारी सिविल अस्पतालों में HIV संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इलाज के जरिए संक्रमण को आगे फैलने से रोकने की लगातार कोशिश की जा रही है। पंजीकृत HIV संक्रमितों में करीब 45 प्रतिशत लोग सरकारी या निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी हैं। यह धारणा भी टूटती नजर आती है कि संक्रमण केवल खास वर्गों तक सीमित है।
संयुक्त राष्ट्र ने साल 2015 में 2030 तक HIV/एड्स को समाप्त करने का लक्ष्य तय किया था। इसके तहत यूएनएड्स ने 90-90-90 का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य के अनुसार 90 प्रतिशत लोगों को अपनी HIV स्थिति की जानकारी होनी चाहिए, 90 प्रतिशत संक्रमित लोगों को इलाज मिलना चाहिए और इलाज करा रहे 90 प्रतिशत लोगों में वायरस का स्तर इतना कम हो कि संक्रमण आगे न फैले।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता, नियमित जांच, सुरक्षित व्यवहार और समय पर इलाज ही HIV पर नियंत्रण पाने के सबसे प्रभावी उपाय हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए शहर में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और जांच सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
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