Friday, July 24, 2026
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Punjab के MNREGA मजदूरों की लड़ाई लड़ेगी AAP, केंद्र पर दबाव बनाने की तैयार की रणनीति

पंजाब सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार के मनरेगा फंड समय पर जारी न करने से योजना का क्रियान्वयन कमजोर पड़ता है.

पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायकों ने फिर से ऐलान किया है कि उनकी पार्टी गरीबों और मजदूरों के हक में आवाज बुलंद करती रहेगी. पार्टी के विधायकों ने राज्य के 10 लाख से अधिक मनरेगा मजदूर परिवारों की पीड़ा और मांगों को आवाज देने के लिए एक नया अभियान शुरू किया है.
आम आदमी पार्टी के विधायक पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में मनरेगा मजदूरों द्वारा लिखे गए लाखों पत्र लेकर पहुंचे. यह पत्र उन मेहनतकश परिवारों के दर्द और संघर्ष की दास्तान बयां करते हैं, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत काम करके अपना जीवन-यापन करते हैं.

पीएम तक पत्रों को पहुंचाने का प्लान

मनरेगा मजदूर भी आज पंजाब विधान सभा में हाजिर थे. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इन पत्रों को केवल विधानसभा में प्रस्तुत करने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इन्हें सीधे देश के प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का संकल्प लिया है. इसका उद्देश्य केंद्र सरकार को मजदूरों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराना और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग करना है.

Punjab Manrega Aap (1)

बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा

पंजाब के मनरेगा मजदूर कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. सबसे बड़ी समस्या मजदूरी के भुगतान में होने वाली देरी है, जिसके कारण गरीब परिवारों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित होती है. इसके अलावा कई मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें बेरोजगारी का सामना करना पड़ता है.
आम आदमी पार्टी की यह पहल दर्शाती है कि पार्टी फाइलों में दबी गरीबों की आवाज को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. यह अभियान केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की एक रणनीतिक पहल है, ताकि मनरेगा फंड्स समय पर जारी हों और मजदूरों को उनका हक मिल सके.
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