Monday, August 10, 2026
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Punjab सरकार का बड़ा एक्शन: आतंक और नशा तस्करी रोकने के लिए 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम किया तैनात

मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुक्रवार को आयोजित पंजाब कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया।

 राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ मन सरकार द्वारा बड़ा एक्शन लिया गया। जिसके तहत सीमा पार से जारी ड्रोन के ज़रिए नशा और हथियारों की तस्करी की साजिशों को करारा जवाब देने के लिए एक साहसिक और रणनीतिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुक्रवार को आयोजित पंजाब कैबिनेट की बैठक में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया।
बता दें कि, पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे संवेदनशील इलाकों में 9 एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए जाएंगे। यह पहली बार है जब राज्य सरकार ने आतंकवाद और नशे के नेटवर्क को एक साथ निशाना बनाने के लिए इतने बड़े पैमाने पर तकनीकी समाधान को अपनाने का निर्णय लिया है।
सरकार का मानना है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद और ड्रोन के माध्यम से हो रही नशे की तस्करी पंजाब की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है, जिसे अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “यह सिर्फ सुरक्षा नहीं, हमारी युवा पीढ़ी के भविष्य की लड़ाई है। आतंकवाद और नशे के गठजोड़ को जड़ से खत्म करना हमारी प्राथमिकता है, और इसके लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
-हाईटेक निगरानी और फौरन कार्रवाई
तैनात किए जाने वाले एंटी-ड्रोन सिस्टम न केवल ड्रोन को ट्रैक करेंगे, बल्कि आवश्यक होने पर उन्हें निष्क्रिय भी कर सकेंगे। ये सिस्टम अत्याधुनिक सेंसर, रडार और इंटरसेप्शन तकनीक से लैस होंगे। इससे सीमा पर होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध हरकत पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
-राजनीतिक इच्छाशक्ति का उदाहरण
यह फैसला पंजाब सरकार की उस राजनीतिक इच्छाशक्ति को दर्शाता है, जो लंबे समय से केंद्र और राज्यों के बीच साझा जिम्मेदारी बन चुकी सीमा सुरक्षा को लेकर स्पष्ट और प्रभावशाली रुख अपनाने की मांग कर रही थी। आम आदमी पार्टी की यह पहल राज्य स्तर पर पहली बार किसी सरकार द्वारा लिए गए इस तरह के ठोस तकनीकी कदमों में से एक है।
-नशे के कारोबार पर चोट
ड्रोन के माध्यम से हो रही हेरोइन, हथियार और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पंजाब में एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी है। एंटी-ड्रोन तकनीक के आने से इन आपराधिक गतिविधियों पर बड़ा अंकुश लगने की उम्मीद है। साथ ही, इससे आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर भी असर पड़ेगा।
पंजाब सरकार के इस फैसले को न केवल राज्य के भीतर बल्कि देशभर में सुरक्षा के क्षेत्र में एक अहम पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना यह होगा कि आने वाले समय में यह रणनीति कितना असर दिखा पाती है।
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