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पंचायतो को भंग करने के मामले में हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब

पंजाब डैस्क : पंचायतों को समय से पहले भंग करने के फैसले को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है। पटियाला और अन्य जिलों की ग्राम पंचायतों की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 10 अगस्त की अधिसूचना अवैध और मनमाना है।

पंजाब सरकार ने कहा कि यह फैसला जनहित में लिया गया है। हाई कोर्ट ने पूछा कि पहले बताएं कि जनहित क्या है। इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई तय की गई है। पटियाला और अन्य जिलों की ग्राम पंचायतों की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 10 अगस्त की अधिसूचना अवैध और मनमाना है।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतें भंग कर दी गई हैं और निदेशक, ग्रामीण विकास एवं पंचायत या विशेष सचिव को सभी कार्य करने और ग्राम पंचायतों की शक्तियों का प्रयोग करने और प्रशासकों की नियुक्ति के लिए अधिकृत किया गया है। याचिका में कहा गया है कि किसी भी समय चुनाव की घोषणा करने और पंचायतों को भंग करने की शक्ति का मतलब यह नहीं है कि संविधान द्वारा निर्धारित कार्यकाल कम कर दिया गया है।