शिरोमणि गुरु द्वारा प्रबंधक कमेटी कार्यकारणी ने फैसला लेने के बाद घोषणा की है कि बलवंत सिंह राजोआना के संबंध में दायर याचिका पर विचार करेगी और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
शिरोमणि गुरु द्वारा प्रबंधक कमेटी कार्यकारणी ने फैसला लेने के बाद घोषणा की है कि बलवंत सिंह राजोआना के संबंध में दायर याचिका पर विचार करेगी और जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बताया कि कार्यकारणी ने बलवंत सिंह राजोआना द्वारा एसजीपीसी अध्यक्ष को लिखे गए तीन पृष्ठों के पत्र पर गंभीरता से विचार किया तथा इस कौमी मुद्दे की गंभीरता के अनुरूप शीघ्र ही निर्णय लेने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। राजोआना ने शिरोमणि गुरु द्वारा प्रबंधक कमेटी को एक विस्तृत पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने सरकारों द्वारा सिखों के साथ किए जा रहे भेदभाव का जिक्र किया है।
इस पत्र में भाई राजोआना ने शिरोमणि गुरु द्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा उनके संबंध में दायर याचिका को वापस लेने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह एक कौमी मुद्दा है, जिसके संबंध में शिरोमणि कमेटी सिख पंथ, निहंग सिंहों और टकसालों के प्रतिनिधि संगठनों के साथ बैठकें करके राष्ट्रीय राय बनाने का प्रयास कर रही है।
बैठक के दौरान लिए गए अन्य निर्णयों की जानकारी देते हुए एडवोकेट धामी ने बताया कि पिछले दिनों जम्मू के पुंछ में हुए हमले के दौरान मारे गए सिखों के परिवारों को 5-5 लाख रु पए की सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह समय पीड़ित परिवारों के लिए अत्यंत दुखदायी है तथा शिरोमणि कमेटी उन्हें हर संभव सहायता प्रदान करेगी। बैंठक में सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के पूर्व ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी मोहन सिंह, पूर्व प्रधानमंत्नी डॉ. मनमोहन सिंह, बाबा इंद्रजीत सिंह रकबेवाले, बाबा बिशन सिंह तरना दल बाबा बकाला, शिरोमणि कमेटी के सदस्य रणधीर सिंह चीमा की तस्वीरें केंद्रीय सिख संग्रहालय में लगाने की मंजूरी भी दी गई।
एक अन्य फैसले की जानकारी देते हुए एडवोकेट धामी ने बताया कि लंगर श्री गुरु रामदास जी से बाबा अटल राय साहिब तक के मार्ग का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। यहां दोनों ओर सुंदर पेड़ लगाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु हरे-भरे और छायादार वातावरण का आनंद ले सकें। इसकी सेवा बाबा कश्मीर सिंह भूरीवाला द्वारा प्रदान की जाएगी।