जालंधर के मशहूर RTI एक्टिविस्ट की हत्या 5 लाख रुपए के लेन-देन को लेकर की गई।
कातिल उसका ममेरा भाई ही निकला, जिसके साथ वह प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। दोनों फगवाड़ा में प्लॉट देखने के लिए गए हुए थे।
यहीं पर लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के गेट के पास दोनों के बीच पैसों को लेकर बहस हो गई, इसके बाद ममेरे भाई ने RTI एक्टिविस्ट के पीछे से सिर में गोली मार दी। इस दौरान उन्होंने भी गोली चलाने की कोशिश की, लेकिन गोली लगने के कारण वह जमीन पर गिर पड़ा।
इसके बाद आरोपी उसे मौके पर छोड़कर भाग निकले, पुलिस ने जब आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो उसमें आरोपी ममेरा भाई घूमते हुए दिखा, जिसे शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया, जब उससे पूछताछ की गई, तो उसने जुर्म कबूल कर लिया।
RTI एक्टिविस्ट का पहली पत्नी से तलाक हो गया था। इसके बाद करीब तीन महीने पहले ही दूसरी शादी हुई थी। आज मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा।

गोली लगने के बाद सिमरनजीत सिंह जमीन पर पड़ा।
ऐसे हुआ RTI एक्टिविस्ट का मर्डर
फोन आने पर फॉर्च्यूनर लेकर घर से निकले: शनिवार (30 मई) सुबह करीब 7 बजे सिमरनजीत सिंह को एक फोन आया, जिसके बाद वह अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी लेकर घर से निकल गए। जान का खतरा होने के कारण वह अपनी लाइसेंसी पिस्टल भी साथ ले गए थे। DIG नवीन सिंगला के मुताबिक, उनका गनमैन भी सुबह 7 बजे उनके घर पहुंच गया था।
प्लॉट देखने के लिए ममेरे भाई ने बुलाया: पुलिस जांच में सामने आया कि सिमरनजीत को उनके ममेरे भाई शरणजीत सिंह उर्फ ट्विंकल ने गांव माहेरूं स्थित प्लॉट देखने के लिए बुलाया था। शरणजीत अपने 5 साथियों के साथ स्विफ्ट कार में वहां पहुंचा था। दोनों प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे और सिमरनजीत से शरणजीत को 5 लाख रुपए लेने थे।
LPU के गेट पर दोनों के बीच बहस हुई: LPU के लॉ गेट के पास स्थित खाली प्लॉट में पैसों के लेन-देन को लेकर दोनों के बीच बहस हुई। इसी दौरान शरणजीत ने पीछे से सिमरनजीत के सिर में दो गोलियां मार दीं। वारदात के बाद आरोपी अपने साथियों सहित फरार हो गए।
लाश को छोड़कर भागे आरोपी: कुछ देर बाद पास के मकान में काम कर रहे एक मजदूर ने प्लॉट में शव पड़ा देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके से पुलिस ने सिमरनजीत का शव, उनकी फॉर्च्यूनर, दो हथियार (रिवॉल्वर और पंप एक्शन गन), एक लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए।













































