जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया है।
पुलिस ने विभिन्न छापेमारी के दौरान जब्त किए गए मादक पदार्थों के स्टॉक को आधिकारिक तौर पर नष्ट कर दिया है। इस कार्रवाई के तहत कुल 200 मामलों से संबंधित हेरोइन, चूरा पोस्त, गांजा और नशीली गोलियों को पूरी कानूनी प्रक्रिया के साथ ठिकाने लगाया गया।
पंजाब को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से जालंधर कमिश्नरेट पुलिस लगातार सक्रिय है। इसी अभियान के तहत, पुलिस द्वारा समय-समय पर जब्त किए गए नशीले पदार्थों का निस्तारण (डिस्पोजल) किया गया। यह पूरी प्रक्रिया उच्चाधिकारियों की कड़ी निगरानी में संपन्न हुई।
200 केसों की सामग्री हुई खाक
पुलिस प्रशासन के अनुसार, अलग-अलग 200 एफआईआर (FIR) से संबंधित नशीली सामग्री को आग के हवाले किया गया। इसमें हेरोइन जैसे महंगे ड्रग्स से लेकर भारी मात्रा में नशीले कैप्सूल और चूरा पोस्त शामिल था। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जब्त माल का सुरक्षित और कानूनी निपटारा करना है।
पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को ठिकाने लगाया है, जिसमें 65 किलो 900 ग्राम चूरा पोस्त, 03 किलो 820 ग्राम हेरोइन, 01 किलो 150 ग्राम गांजा, 1,830 प्रतिबंधित कैप्सूल, 60 नशीले टीके, 45 ग्राम नशीला पाउडर और 16 ग्राम स्मैक शामिल है।
तस्करों को पुलिस की सख्त चेतावनी
जालंधर पुलिस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर से नशे के खात्मे तक यह जंग जारी रहेगी। नशा तस्करों के खिलाफ आने वाले दिनों में और भी कड़ाई से छापेमारी की जाएगी।
जनता से सहयोग की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे समाज को नशा मुक्त बनाने में प्रशासन का साथ दें। यदि कहीं भी नशे की तस्करी या अवैध बिक्री की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि युवाओं के भविष्य को बचाया जा सके।