Chandigarh में मुख्य सचिव Rajiv Verma ने की अहम बैठक, कई मुद्दों पर हुई चर्चा
यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव राजीव वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
यूटी चंडीगढ़ के मुख्य सचिव राजीव वर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य स्तरीय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य चंडीगढ़ में भारतीय मानकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए एक मजबूत गुणवत्ता प्रणाली का निर्माण करना था।
बैठक में भारतीय मानक ब्यूरो (उत्तर भारत) की उप महानिदेशक स्नेह लता ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी, जिसमें भारतीय मानकों के महत्व और उनके उपयोग के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।
मुख्य सचिव राजीव वर्मा ने बैठक में सभी संबंधित विभागों को एकजुट होकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने खासतौर पर रिश्वत विरोधी प्रबंधन प्रणाली (आईएस 37001) के तहत प्रमाणन प्राप्त करने के लिए सभी सार्वजनिक विभागों को निर्देशित किया। साथ ही, सेवा गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (एसक्यूएमएस) के कार्यान्वयन को लेकर भी रणनीतियां बनाने के आदेश दिए गए।

-चंडीगढ़ नगर निगम को मिला विशेष निर्देश
मुख्य सचिव ने चंडीगढ़ नगर निगम और संपदा कार्यालय को निर्देश दिया कि वे पुराने रिकॉर्ड के सुचारू प्रबंधन के लिए रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली को लागू करें। इसके साथ ही, उन्होंने चंडीगढ़ में पाइप्ड पेयजल प्रबंधन प्रणाली के लिए प्रमाणन की दिशा में नगर निगम के प्रयासों की सराहना की। यदि यह प्रमाणन प्राप्त हो जाता है, तो चंडीगढ़ देश का पहला राज्य बन जाएगा जिसे यह प्रतिष्ठित प्रमाणपत्र मिलेगा, और इससे यह सुनिश्चित होगा कि चंडीगढ़ के निवासियों को मिलने वाला पेयजल मानक के अनुरूप होगा।
-नवीनतम पहल: ऊर्जा प्रबंधन और निर्माण मानक
मुख्य अभियंता, यूटी चंडीगढ़ को चंडीगढ़ के लिए विशेष बिल्डिंग बायलॉज, बीआईएस द्वारा विकसित एसपी 73 को लागू करने और ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली को लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
-क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण
मुख्य सचिव ने यूटी अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे एक नोडल अधिकारी (एचओडी से नीचे नहीं) नामित करें, जो गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बीआईएस द्वारा आयोजित प्रशिक्षणों में भाग लेंगे और फिर अपने विभागों में इसे लागू करेंगे।
-उद्योगों और उपभोक्ताओं को जागरूक करने की आवश्यकता
इसके अलावा, सचिव उद्योग को निर्देश दिया गया कि वे विशेष रूप से एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। साथ ही, आम जनता को बीआईएस केयर ऐप के बारे में जानकारी देने के लिए भी कदम उठाने को कहा गया, जिससे वे उत्पादों की प्रामाणिकता और कीमती धातुओं जैसे सोने और चांदी की गुणवत्ता की पुष्टि कर सकें।
बैठक में चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव, वित्त सचिव, खाद्य एवं आपूर्ति सचिव सहित सभी प्रशासनिक सचिवों तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। उद्योगों, उपभोक्ता संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में सक्रिय रूप से अपनी राय दी।
चंडीगढ़ में इस तरह की पहलों के माध्यम से सरकार न केवल गुणवत्ता के मानकों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है, बल्कि चंडीगढ़ को एक मॉडल शहर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जहां सरकारी सेवाओं से लेकर उद्योगों तक हर पहलू उच्च मानकों पर आधारित हो।