Thursday, July 23, 2026
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Jalandhar Court का बड़ा आदेश: आतिशी का वायरल वीडियो एडिटेड, सोशल मीडिया से हटाया जाए

मामले में जालंधर में इकबाल सिंह उर्फ आईएस बग्गा के नाम पर FIR दर्ज की गई थी।

 जालंधर की एक अदालत ने दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना से जुड़े वायरल वीडियो मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने माना कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और फोरेंसिक जांच में उसे एडिटेड व डॉक्टर्ड पाया गया।
कोर्ट ने इस आधार पर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को संबंधित वीडियो तत्काल हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही, वीडियो शेयर करने वाले अकाउंट्स से जुड़े सभी लिंक और कंटेंट को भी डिलीट करने का आदेश जारी किया गया है।
फोरेंसिक रिपोर्ट से खुलासा
मोहाली स्थित फोरेंसिक लैब की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि वायरल क्लिप मूल वीडियो का हिस्सा नहीं थी, बल्कि जानबूझकर एडिट की गई थी ताकि आतिशी के बयान का अर्थ बदला जा सके। इसके बाद आतिशी ने स्वयं विधानसभा में दिए गए अपने पूरे भाषण का असली वीडियो सार्वजनिक किया, जिससे वायरल क्लिप के भ्रामक होने की पुष्टि हुई।
FIR कराने वाला शिकायतकर्ता सवालों के घेरे में
इस मामले में जालंधर में इकबाल सिंह उर्फ आईएस बग्गा के नाम पर FIR दर्ज की गई थी। हालांकि, जब मीडिया टीम शिकायतकर्ता के बताए पते मिट्ठू बस्ती पर पहुंची, तो वहां उनका घर नहीं मिल सका। इलाके में कई घरों पर नंबर प्लेट भी नहीं लगी हुई थीं। फोन पर संपर्क करने पर बग्गा ने बताया कि वह उस समय घर से बाहर थे और चंडीगढ़ से लौट रहे हैं।
बग्गा का कहना है कि उन्होंने केवल वीडियो की जांच कराने के लिए आवेदन दिया था। उनके अनुसार, मामला राजनीतिक रूप से उछलने के बाद उनका नाम जानबूझकर विवाद में घसीटा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने किसी के खिलाफ साजिश के तहत कार्रवाई नहीं करवाई।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
इस मामले पर राजनीति भी तेज हो गई है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने फोरेंसिक जांच की तेजी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आम तौर पर ऐसे मामलों में जांच सालों तक लटक जाती है, लेकिन इस केस में एक दिन के भीतर रिपोर्ट आ जाना असामान्य है।
वहीं, जालंधर कैंट से कांग्रेस विधायक परगट सिंह, जिनका नाम भी FIR में शामिल है, ने इसे “टारगेटेड और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया। उन्होंने कहा कि वे जांच में सहयोग के लिए तैयार हैं और जब भी पुलिस बुलाएगी, वे उपस्थित होंगे।
भाजपा का हमला
दिल्ली भाजपा ने इस मामले को लेकर आतिशी के खिलाफ “गुमशुदगी” के पोस्टर जारी किए हैं। भाजपा नेताओं का आरोप है कि आतिशी विधानसभा की कार्यवाही से दूरी बना रही हैं और उन्हें इस मुद्दे पर सदन में आकर जवाब देना चाहिए।
क्या है पूरा विवाद
आरोप था कि आतिशी ने दिल्ली विधानसभा में चर्चा के दौरान सिख गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। इसी आरोप से जुड़ा एक छोटा वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसे बाद में एडिटेड पाया गया। जांच के बाद अदालत ने वीडियो को फर्जी मानते हुए उसे हटाने का आदेश दिया।
फिलहाल, कोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वायरल वीडियो के जरिए गलत धारणा बनाने की कोशिश की गई थी। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि वीडियो को किसने एडिट किया और किन-किन लोगों ने उसे जानबूझकर फैलाया।
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