खाड़ी देश ईरान डील से अमेरिका को बाहर का रास्ता दिखा सकता है. ओमान, सऊदी और कतर इसको लेकर प्लान कर रहा है. इन तीनों देशों का मानना है कि जंग के कारण अमेरिका की विश्वसनीयता कम हो गई है, जिसके चलते ईरान डील पर ठीक से अमल नहीं हो पा रहा है. हालांकि, इसकी कवायद कतर में प्रस्तावित अमेरिका और ईरान बैठक के बाद शुरू की जा सकती है. यह बैठक अस्थाई डील को पूरी तरह से लागू करने की बुलाई गई है.
द टेलीग्राफ के मुताबिक सऊदी, कतर और ओमान की कोशिश अगस्त 2026 तक फाइनल समझौते तक पहुंचने की है. इसके लिए एक प्लान तैयार किया जा रहा है. इस प्लान में अमेरिका को डील से बाहर करने की है. ताकि, आने वाले वक्त में समझौते को लागू करने में कोई परेशानी न हो.
डील को लेकर खाड़ी देशों की योजना क्या है?
1. खाड़ी देशों की कोशिश फारस की खाड़ी में शांति स्थापित करने की है, जिससे उनका तेल व्यापार में बढ़ोतरी हो. इसके लिए खाड़ी देश ईरान की टोल शर्तों को भी मानने को तैयार है. खाड़ी देश एक प्रस्ताव पर काम कर रहा है, जिसमें ईरान को टोल के नाम पर पैसे मिलेंगे. अभी होर्मुज के टोल को अमेरिका स्वीकार नहीं कर पा रहा है.
2. खाड़ी देश ईरान विवाद को स्थानीय बताकर अमेरिका को इससे बाहर करना चाहता है. खाड़ी देशों की कोशिश अमेरिका को सेफ एग्जिट देने की है. दरअसल, डील इसलिए नहीं सफल हो पा रहा है, क्योंकि ईरान इसमें झुकने को तैयार नहीं है. अमेरिका भी ईरान के सामने सरेंडर नहीं करना चाहता है.
3. खाड़ी देशों का मानना है कि ईरान जंग में पड़ोसी होने के नाते उनका ज्यादा नुकसान हो रहा है. ईरान से अमेरिका की दूरी काफी ज्यादा है. सोमवार (29 जून) को क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सबसे पहले ईरान और ओमान के बीच वार्ता हुई. इसके बाद ओमान और कतर के बीच बातचीत हुई. फिर ईरान ने सऊदी से बात की. आखिर में कतर और सऊदी के बीच बात हुई.
4. अमेरिका के होने से लेबनान का मुद्दा गर्म है. ईरान अमेरिका पर लेबनान में शांति लाने का दबाव डाल रहा है. दूसरी तरफ इजराइल अमेरिका की बातों को नहीं मान रहा है. खाड़ी देशों को लगता है कि अमेरिका अगर इससे बाहर होता है तो लेबनान का मुद्दा शांत हो जाएगा.
ईरान का होर्मुज पर दावा छोड़ने से इनकार
समझौते के तहत ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, लेकिन होर्मुज पर वह अपना दावा किसी भी स्थिति छोड़ने को तैयार नहीं है. हाल ही में इसको लेकर अमेरिका और ईरान के बीच झड़प भी हो गई थी. रूस के पूर्व राष्ट्रपति देमेत्री मेदवेदेव के मुताबिक होर्मुज नए जमाने का परमाणु हथियार है. हालिया जंग में ईरान ने होर्मुज बंद कर अमेरिका को घुटने पर ला दिया.
होर्मुज फारस की खाड़ी का प्रवेश द्वार है. इस रास्ते से दुनिया को 20 प्रतिशत तेल और गैस की आपूर्ति की जाती है. सऊदी, कतर, यूएई, कुवैत जैसे देश इसी रास्ते से गैस और तेल निर्यात करते हैं.