जनसभा के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी से अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले पर सवाल पूछा गया
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार रात उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नजीबाबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, समाजवादी पार्टी (सपा) और अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले पर अपनी राय रखी।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर क्या बोले ओवैसी?
जनसभा के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान ओवैसी से अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित गबन के मामले पर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि ट्रस्ट से गलती हुई है और मामले में कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि यदि इसी तरह के मामले में किसी मुसलमान का नाम सामने आता, तो उसके खिलाफ बहुत सख्त कार्रवाई होती। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति का एनकाउंटर, बुलडोजर कार्रवाई या अन्य कड़ी कार्रवाई की जाती और मामला जल्द बंद कर दिया जाता।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ वैसी सख्त कार्रवाई नहीं हो रही है। ओवैसी ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों को पुलिस हिरासत में भी नहीं लिया गया और उनके घरों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, उनके ये बयान उनके राजनीतिक आरोप और व्यक्तिगत राय हैं। मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया संबंधित एजेंसियों द्वारा जारी है।
मुसलमानों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया
ओवैसी ने कहा कि पिछले कई दशकों से अलग-अलग राजनीतिक दलों ने मुसलमानों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है, लेकिन उन्हें नेतृत्व करने का मौका नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा मुसलमानों को चुनाव में टिकट नहीं देती, जबकि सपा ने भी उन्हें केवल वोट तक सीमित रखा है। उन्होंने लोगों से कहा कि यदि मुसलमान सिर्फ वोट देने तक ही सीमित रहेंगे, तो उनके बच्चों के बेहतर भविष्य, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं में सुधार नहीं होगा। उन्होंने समाज से जागरूक होकर राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की अपील की।
ओवैसी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी भाजपा को सत्ता से बाहर करने के लिए किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को राजनीतिक नेतृत्व के लिए आगे लाना है। जनसभा के दौरान उन्होंने भाजपा पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाया। साथ ही संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि अब अन्य मस्जिदों को भी नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने नजीबाबाद के स्थानीय विधायक पर भी कटाक्ष किया।