पंजाब सरकार की ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत पंजीकरण करा चुकी करीब 50 लाख महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है।
सरकार आज से इस योजना की पहली किस्त लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजना शुरू करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान धुरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योजना का आधिकारिक शुभारंभ करेंगे और इसका वेब पोर्टल भी लॉन्च करेंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार महिलाओं को अप्रैल, मई और जून यानी तीन महीनों की राशि एक साथ सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। पैसा जमा होने के बाद लाभार्थियों के मोबाइल नंबर पर बैंक की ओर से मैसेज भी भेजा जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं ने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है, वे बाद में भी आवेदन कर सकती हैं। सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
किसे कितनी राशि मिलेगी?
योजना के तहत अलग-अलग वर्गों की महिलाओं के लिए अलग राशि तय की गई है। सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं को 1,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से तीन महीने के 3,000 रुपये मिलेंगे। अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह के हिसाब से तीन महीने के 4,500 रुपये दिए जाएंगे, जो महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही हैं और योजना की पात्रता पूरी करती हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
पंजाब सरकार के अनुसार, इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला का पंजाब की स्थायी निवासी होना जरूरी है। उसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। पंजाब की पंजीकृत मतदाता होना आवश्यक है। बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना अनिवार्य है।
सरकार ने बताया कि कई जिलों में अभी भी महिलाओं के बैंक खाते खुलवाने और उन्हें आधार से जोड़ने का काम जारी है, जिन महिलाओं ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनसे जल्द आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की गई है, ताकि उन्हें समय पर योजना का लाभ मिल सके।
किन महिलाओं को नहीं मिलेगा लाभ?
सरकार ने कुछ श्रेणियों की महिलाओं को इस योजना से बाहर रखा है। इनमें सरकारी कर्मचारी, सरकारी पेंशन पाने वाली महिलाएं और आयकरदाता परिवारों की महिलाएं शामिल हैं। इन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
मुख्यमंत्री का कहना है कि इस योजना के माध्यम से पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।