नई दिल्ली में सोमवार को संविधान क्लब में INDIA गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई।
बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। इस दौरान उन्होंने देश के सामने मौजूद आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई और केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।
डिलिमिटेशन बिल को हराने में “एकता” की तारीफ की
बैठक की शुरुआत में खड़गे ने संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन (डिलिमिटेशन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को रोकने में विपक्षी दलों की एकजुटता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में INDIA गठबंधन ने एकजुट होकर सरकार के उन विधेयकों को पराजित किया, जिन्हें विपक्ष देशहित के खिलाफ मानता था।
SIR-महंगाई और विदेश नीति पर उठाए सवाल
खड़गे ने कहा कि अब इसी एकता को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि देश के सामने खड़ी राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति की चुनौतियों का मुकाबला किया जा सके। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इससे लाखों लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संविधान पर लगातार हमले हो रहे हैं और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
महंगाई और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर खड़गे ने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और देश का आर्थिक माहौल चिंताजनक बना हुआ है। उनके अनुसार रोजगार सृजन के लिए जिस स्तर के निवेश की जरूरत है, वह नहीं हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई क्षेत्रों में निजी कंपनियों का एकाधिकार बढ़ रहा है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) का भविष्य संकट में है। युवाओं से जुड़े मुद्दों पर बोलते हुए खड़गे ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में बार-बार हो रही गड़बड़ियों और कुप्रबंधन के कारण लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कमजोर वर्गों के खिलाफ बढ़ रहे अत्याचारों पर भी चिंता जताई। विदेश नीति को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की पारंपरिक और स्वतंत्र विदेश नीति से समझौता किया गया है तथा उन मूल्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है जिनका देश लंबे समय से समर्थन करता आया है।
बैठक में कौन-कौन से नेता मौजूद रहा?
बैठक में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सोनिया गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक से जुड़े। हालांकि, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) इस बैठक में शामिल नहीं हुई। इसके बावजूद वामपंथी नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि DMK विचारधारा और मुद्दों के स्तर पर INDIA गठबंधन के साथ खड़ी है।
INDIA गठबंधन की नजर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर
बैठक से पहले समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने विपक्षी एकता पर जोर देते हुए कहा कि INDIA गठबंधन की नजर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर है। उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी दलों से साथ आने की अपील की। वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने देश में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को गंभीर समस्या बताया। दूसरी ओर, भाजपा नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने INDIA गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता का समर्थन अब उनके साथ नहीं है और यह गठबंधन केवल सत्ता हासिल करने के लिए एकजुट हुआ है। बैठक के बाद INDIA गठबंधन के नेताओं ने संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करने की भी योजना बनाई।