पठानकोट में पुलिस ने एक बड़े जासूसी नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए बड़ा खुलासा किया है।
पुलिस के अनुसार, कुछ आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारों पर भारतीय सेना और सुरक्षा बलों की गतिविधियों की जानकारी साझा कर रहे थे। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गुप्त सुचना मिलने पर CIA स्टाफ ने की कार्रवाई
पठानकोट पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब सरकार और डीजीपी पंजाब के निर्देशों के तहत यह कार्रवाई की गई। खुफिया इनपुट मिलने के बाद CIA स्टाफ की टीम ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी सेना और पैरामिलिट्री फोर्स की मूवमेंट पर नजर रखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, ये कैमरे सुजानपुर के पास पुल नंबर 4 और 5 के बीच लगाए गए थे। आरोप है कि इन कैमरों की लाइव फुटेज इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स और खुफिया एजेंसियों तक पहुंचाई जा रही थी। इसके जरिए सुरक्षा बलों की गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की जा रही थी।
आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज
इस मामले में सबसे पहले बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू निवासी चक्क धारीवाल, जिला पठानकोट के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने दुकान मालिक अंकित शर्मा को भी गिरफ्तार किया, जहां कथित तौर पर कैमरे लगाए गए थे।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बलजीत सिंह ने इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन अपने बड़े भाई हरदीप सिंह को छिपाने के लिए दिया था। पुलिस ने सबूत नष्ट करने के आरोप में हरदीप सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया।
आगे की जांच में पुलिस ने गुरदासपुर जिले के रहने वाले बलजिंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह उर्फ तन्नू को भी गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि दोनों पहले से ही ISI एजेंटों के संपर्क में थे और पूरे नेटवर्क को संचालित करने में अहम भूमिका निभा रहे थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और Official Secrets Act 1923 की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि यह गतिविधियां देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए गंभीर खतरा थीं। पठानकोट पुलिस ने साफ कहा है कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में आगे भी जांच जारी रहेगी।